Sonbhadra News: मई दिवस पर गरजी आवाज: बिजली कर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा

Sonbhadra News: मई दिवस पर सोनभद्र में बिजली कर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ जोरदार विरोध जताया और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की।

Update:2026-05-01 17:37 IST

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Sonbhadra News: मई दिवस के अवसर पर जनपद सोनभद्र सहित पूरे प्रदेश में बिजली कर्मियों ने एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए निजीकरण के खिलाफ बड़ा ऐलान कर दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर कर्मचारियों, अभियंताओं और तकनीकी स्टाफ ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण का कड़ा विरोध जताया।

जनहित के खिलाफ है निजीकरण

कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि बिजली जैसी बुनियादी और जरूरी सेवा को निजी हाथों में सौंपना आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ होगा। उनका कहना था कि निजीकरण के बाद बिजली दरों में बढ़ोतरी तय है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।साथ ही यह भी आशंका जताई गई कि सेवाओं की गुणवत्ता में गिरावट आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी बढ़ सकती है।

कर्मचारियों के अधिकारों पर भी मंडरा रहा खतरा

बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण केवल उपभोक्ताओं ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य के लिए भी खतरा है। इससे नौकरी की सुरक्षा कमजोर होगी और कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती की संभावना बढ़ेगी।कर्मचारियों ने साफ किया कि वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।मई दिवस, जो श्रमिक एकता और अधिकारों का प्रतीक है, के मौके पर सभी बिजली कर्मियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे निजीकरण के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रबंधन पर उत्पीड़न के आरोप

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। उनकी जायज़ मांगों को अनसुना किया जा रहा है और संवाद की प्रक्रिया कमजोर पड़ती जा रही है।इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। समिति ने प्रदेश सरकार से अपील की कि वह जनहित, उपभोक्ता हित और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोके।साथ ही सभी पक्षों के साथ सार्थक और पारदर्शी संवाद स्थापित करने की मांग की गई।

जनसेवा के लिए हर संघर्ष को तैयार

अंत में बिजली कर्मियों ने एकजुट होकर कहा कि वे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को मजबूत, सुलभ और जनहितकारी बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।उन्होंने दोहराया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, वे जनसेवा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं।

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