Sonbhadra: सोनभद्र में डीएम चर्चित गौड़ सख्त, फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

Sonbhadra News: सोनभद्र के ओबरा में आयोजित समाधान दिवस में डीएम चर्चित गौड़ ने फार्मर रजिस्ट्री और अंश निर्धारण कार्यों में ढिलाई पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जांच करने के निर्देश दिए।

Update:2026-05-02 17:51 IST

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Sonbhadra News: जनपद के ओबरा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का बड़ा संदेश लेकर आया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मंच से ही साफ कर दिया कि किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री अभियान और खातेदारों के अंश निर्धारण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सीधे गांवों में उतरकर जमीनी हकीकत जांचने के निर्देश दिए।

“लक्ष्य के सापेक्ष हो काम, सिर्फ आंकड़े नहीं”

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले हो रही प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, ऐसे में केवल कागजी प्रगति दिखाना पर्याप्त नहीं होगा। हर पात्र किसान का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।डीएम ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गांवों का भ्रमण करें और स्थलीय निरीक्षण के जरिए कार्यों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करें। उन्होंने कहा कि लेखपालों के साथ मिलकर पंचायत सहायकों एवं अन्य संबंधित कार्मिकों के कार्यों की गहन जांच की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आए तो तुरंत सुधार किया जा सके।

गांवों में शुरू हुआ निरीक्षण अभियान

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जनपद स्तरीय अधिकारी गांवों में पहुंचे और फार्मर रजिस्ट्री व अंश निर्धारण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान यह देखा गया कि कितने किसानों का पंजीकरण हो चुका है, किनका शेष है और अंश निर्धारण की प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंची है। साथ ही मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

पारदर्शिता और शुद्धता पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।निरीक्षण के बाद सभी अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में कार्य की वास्तविक स्थिति, सामने आई कमियां और सुधार के सुझाव स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएंगे। डीएम ने कहा कि रिपोर्ट केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाली होनी चाहिए।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान की गंभीरता को समझते हुए सभी लोग अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें।

विभागों के बीच समन्वय जरूरी

अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक सभी विभाग मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं होगा। कुल मिलाकर, संपूर्ण समाधान दिवस के मंच से जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि फार्मर रजिस्ट्री और अंश निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ किए जाएंगे। प्रशासन की यह सक्रियता आने वाले दिनों में अभियान की गति और प्रभाव दोनों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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