Sonbhadra News: सोनभद्र में बैंक सखी पर घोटाले का आरोप, समूह में हड़कंप
Sonbhadra News: बिरधी गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बैंक सखी पर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया, दस्तावेज लेकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया।
सोनभद्र में बैंक सखी पर घोटाले का आरोप, समूह में हड़कंप (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सरकार जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है, वहीं सोनभद्र जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉबर्ट्सगंज तहसील के बिरधी गांव में ‘कोमल आजीविका स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं ने बैंक सखी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और महिलाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
सशक्तिकरण के नाम पर टूटा भरोसा
समूह की अध्यक्ष आशा देवी ने तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बैंक सखी किरन देवी ने समूह की आर्थिक प्रगति का भरोसा दिलाकर महिलाओं से जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए। महिलाओं का कहना है कि उन्हें भरोसे में लेकर आधार कार्ड, पासबुक, रजिस्टर, समूह की मोहर और खाली निकासी फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। उस समय महिलाओं को लगा कि यह प्रक्रिया उनके हित में है, लेकिन बाद में यही विश्वास उनके लिए परेशानी का कारण बन गया।
स्टेटमेंट में खुला गड़बड़ी का मामला
जब समूह की पासबुक में लेन-देन का सही विवरण नहीं दिखा, तो महिलाओं को शक हुआ। इसके बाद ब्लॉक स्तर से खातों का स्टेटमेंट निकलवाया गया, जिसमें 24 मार्च 2026 को 90 हजार रुपये निकाले जाने और निजी खाते में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि यह सिर्फ एक ट्रांजेक्शन नहीं है, बल्कि कई खातों में पैसे भेजे गए हैं, जिनमें कुछ रिश्तेदारों के खाते भी शामिल हो सकते हैं।
इस घटना के बाद समूह की महिलाएं आर्थिक संकट में आ गई हैं। कर्ज का बोझ बढ़ने के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ गया है। महिलाओं ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है।
तहसील प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि प्रकरण उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस पूरे मामले ने स्वयं सहायता समूहों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।