यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी ISI और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस
यूपी एटीएस ने एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तानी आईएसआई (ISI) और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्धों, दानियाल अशरफ और कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पुलिस स्टेशनों की रेकी और सुरक्षाकर्मियों पर हमले की बड़ी साजिश रच रहे थे।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद-विरोधी दस्ते (UP ATS) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। 6 मई 2026 को की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा एजेंसियों ने बाराबंकी के दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को हिरासत में लिया है। इन दोनों आरोपियों पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क और आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये युवक विदेशी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उत्तर प्रदेश के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
जांच एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स इन युवाओं को "हीरो" बनाने का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए दानियाल और कृष्णा को भी इसी तरह झांसे में लेकर 'स्लीपर सेल' के रूप में तैयार किया जा रहा था। एटीएस को इनके मोबाइल फोन से कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनमें वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स और संदिग्ध चैट शामिल हैं, जो सीधे तौर पर सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े होने की पुष्टि करते हैं।
संवेदनशील ठिकानों की रेकी और वर्दीधारियों पर हमले का था टास्क
पकड़े गए संदिग्धों के मंसूबे बेहद खतरनाक थे। एटीएस की पूछताछ और तकनीकी जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों ने कई पुलिस स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन रेकी की थी। इन ठिकानों के वीडियो और सटीक लोकेशन पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को साझा किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कृष्णा मिश्रा के मोबाइल से टारगेट शूटिंग से संबंधित वीडियो भी बरामद हुए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों को किसी वर्दीधारी व्यक्ति या सुरक्षाकर्मी पर हमला करने का विशेष टास्क दिया गया था। इसके बदले में दानियाल ने अपने हैंडलर्स से हथियार और भारी धन राशि की मांग भी की थी।
कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा की सामान्य पृष्ठभूमि और संदिग्ध गतिविधियां
इस मामले में गिरफ्तार कृष्णा मिश्रा की पृष्ठभूमि ने स्थानीय लोगों और जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया है। कुशीनगर के पडरौना क्षेत्र का रहने वाला कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है और महज तीसरी या चौथी कक्षा तक पढ़ा है। उसके पिता छोटेलाल ने अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर जिला मुख्यालय के पास घर बनाया था और आजीविका के लिए ऑटो खरीदे थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे गाड़ियां भी एजेंसी वापस ले गई। कृष्णा ने अपने परिवार को बताया था कि वह दिल्ली या हरियाणा की किसी कंपनी में काम करता है, जबकि असल में वह आतंकी नेटवर्क के लिए जमीन तैयार कर रहा था। उसके परिवार में एक चाचा अधिवक्ता हैं और दूसरे बीएसएफ (BSF) में कार्यरत हैं, जिससे इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
एटीएस ने गोरखपुर और बाराबंकी से इन दोनों को क्रमशः 5 और 6 मई को गिरफ्तार किया। इनके पास से अवैध पिस्टल, तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। यूपी एटीएस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और अब इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने युवा शामिल हैं और क्या राज्य में कहीं और भी इस तरह के स्लीपर सेल सक्रिय हैं। वर्तमान में आईबी और स्थानीय पुलिस भी इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए एटीएस के साथ समन्वय कर रही है।