UP News: योगी सरकार के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट विजन को AI का साथ, जापानी निवेशकों से आसान हुआ संवाद

UP News: यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में भाषिणी AI ने हिंदी, अंग्रेजी और जापानी के बीच रियल-टाइम अनुवाद से निवेशकों का संवाद आसान बनाया।

Update:2026-08-24 21:28 IST

UP News (Image Credit-Social Media)

लखनऊ, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की योगी सरकार की मुहिम में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी अहम भूमिका निभा रहा है। यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में भारत सरकार के बहुभाषी AI प्लेटफॉर्म ‘भाषिणी’ ने भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच भाषा की बाधा को दूर करते हुए रियल-टाइम संवाद को आसान बनाया।

उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने भारत सरकार के AI आधारित बहुभाषी प्लेटफॉर्म भाषिणी के साथ तकनीकी सहयोग किया। सम्मेलन में हिंदी, अंग्रेजी और जापानी भाषाओं के बीच रियल-टाइम स्पीच-टू-टेक्स्ट और अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे दोनों देशों के निवेशक और प्रतिनिधि अपनी-अपनी भाषा में बातचीत और प्रस्तुतियों को आसानी से समझ सके।

योगी के हिंदी भाषण का हुआ रियल-टाइम जापानी अनुवाद

सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदी संबोधन को भाषिणी के ‘श्रुतलेख’ फीचर के जरिए रियल-टाइम ट्रांसक्राइब किया गया और उसका जापानी भाषा में तत्काल अनुवाद किया गया। इससे सम्मेलन में मौजूद जापानी प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के संदेश को बिना किसी भाषाई बाधा के समझने में मदद मिली।

इसी तरह केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन का भी जापानी भाषा में रियल-टाइम अनुवाद किया गया। AI आधारित इस सुविधा ने सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं को अधिक सहज और प्रभावी बनाया।

निवेश संवाद में ‘ईज ऑफ कम्युनिकेशन’ पर जोर

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर लगातार जोर दे रही है। यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

भाषिणी के रियल-टाइम अनुवाद ने इन चर्चाओं में भाषा को बाधा बनने से रोका। इससे जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियों, कारोबारी अवसरों और संभावनाओं की जानकारी उनकी अपनी भाषा में समझने में मदद मिली।

800 से ज्यादा सरकारी वेबसाइटों पर भाषिणी की सुविधा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) द्वारा संचालित भाषिणी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकारी डिजिटल सेवाओं को बहुभाषी बनाने के लिए किया जा रहा है।

प्लेटफॉर्म वर्तमान में 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके जरिए प्रतिदिन 2.4 करोड़ से अधिक AI इंटरफेस प्रोसेस किए जाने का दावा किया गया है। अब तक प्लेटफॉर्म 9 अरब से अधिक AI इंटरफेस प्रोसेस कर चुका है।

भाषिणी 36 भारतीय लिखित भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय निवेश संवाद और डिजिटल सरकारी सेवाओं के लिए इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-जापान निवेश साझेदारी को डिजिटल मजबूती

यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में भाषिणी का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के निवेश अभियान में तकनीक और नवाचार के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है। AI आधारित रियल-टाइम अनुवाद के जरिए राज्य ने निवेशकों के साथ संवाद को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की कोशिश की है।

इन्वेस्ट यूपी के तकनीकी सहयोग से हुए इस प्रयोग ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ ‘ईज ऑफ कम्युनिकेशन’ को भी मजबूत करने का संदेश दिया। इससे भारत-जापान आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को नई डिजिटल ताकत मिलने की उम्मीद है।

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