Varanasi News: रोडवेज बस से यात्रियों का सफर हुआ महंगा, यहां देखें कितना बढ़ा किराया
Varanasi News: रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब कुछ जेब ढीली करनी पड़ेगी। अप्रैल से टोल टैक्स में हुई वृद्धि के बाद अब निगम की बस से सफर महंगा हो गया है।;
रोडवेज बस से यात्रियों का सफर हुआ महंगा, यहां देखें कितना बढ़ा किराया (Photo- Social Media)
Varanasi News: वाराणसी से गाज़ीपुर या प्रयागराज कहीं भी जाने के लिए यात्रियों को तमाम प्रकार के किराया शुल्क से गुजरना पड़ेगा। इसका मूल कारण यह है कि रोड पर आने वाले जितने भी टोल टैक्स है उसी के निर्धारण के तहत वृद्धि की गई है। आपको बता दें कि टोल टैक्स में वृद्धि के चलते रोडवेज बसों के किराये में इजाफा होने लगा है।
वाराणसी से प्रयागराज व अन्य के लिए यात्रियों को दो रुपये तो गाज़ीपुर के लिए एक रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे। आपको सुनीयोजित ढंग बताते है जिन मार्गों पर जितने टोल पड़ेंगे, उसके आधार पर किराए में वृद्धि हुई है। अब वाराणसी से गाजीपुर के लिए यात्रियों को एक रुपये तो प्रयागराज के लिए दो रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे।
जेब पर रोडवेज क़ी नजर, किराये के बहाने ढीली करगी जेब
राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के बेड़े में वर्तमान में "568" बसें लगभग हैं। इनका संचालन विभिन्न नगरों एवं महानगरों कन्नौज, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर एवं अन्य के लिए किया जाता है। इसके साथ ही आसपास के जिलों आजमगढ़, मऊ और जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बसें चलाई जा रही हैं।
रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब कुछ जेब ढीली करनी पड़ेगी। अप्रैल से टोल टैक्स में हुई वृद्धि के बाद अब निगम की बस से सफर महंगा हो गया है। बस के किराए में इजाफा हुआ है। बताया गया है कि जिन मार्गों पर जितने टोल पड़ रहे हैं उसके अनुसार किराए में बढ़ोतरी हुई है।
वाराणसी से गाज़ीपुर का पहले किराया
वाराणसी से गाज़ीपुर का पहले किराया 150 था, जो अब बढ़कर 151 रुपये हो गया है। प्रयागराज का 343 से 345 और कानपुर का सफर करने के लिए अब 637 के बजाय 640 रुपये देने होंगे। इसी प्रकार मऊ के लिए 71 की जगह 72 और गोरखपुर के लिए 228 की जगह 230 रुपये किराया देना होगा।
इसके अलावा आजमगढ़ के लिए 114 की जगह 115 रुपये किराया चुकाना पड़ेगा। रोडवेज के स्थानीय डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पाण्डेय ने बताया कि टोल टैक्स में वृद्धि के बाद रोडवेज की बसों का किराया बढ़ाया गया है। मार्ग पर जितने टोल पड़ेंगे उसके आधार पर किराए में वृद्धि हुई है।