रूस-चीन की बराबरी में लगा अमेरिका, ईरान के खिलाफ तैनात करेगा 'हाइपरसोनिक मिसाइल', अब क्या करेगा तेहरान?

Hypersonic Missile Dark Eagle: अमेरिका ईरान तनाव के बीच मध्य पूर्व में हाइपरसोनिक मिसाइल तैनात करने की तैयारी कर रहा है। यह पहली ऑपरेशनल डार्क ईगल तैनाती हो सकती है।

Update:2026-04-30 14:22 IST

Hypersonic Missile Dark Eagle

Hypersonic Missile Dark Eagle: United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सबसे आधुनिक हथियारों में से एक हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम तैनात करने की तैयारी कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार होगा जब इस अत्याधुनिक हथियार को किसी ऑपरेशनल मिशन में तैनात किया जा सकता है।

डार्क ईगल सिस्टम की संभावित तैनाती

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने लंबे समय से अटके हुए Dark Eagle missile system को इस क्षेत्र में भेजने का अनुरोध किया है। इस सिस्टम का उद्देश्य अमेरिकी सेना को ईरान के अंदर स्थित बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों पर सटीक हमला करने की क्षमता देना है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह अमेरिका द्वारा हाइपरसोनिक हथियार की पहली वास्तविक तैनाती होगी।

रणनीतिक उद्देश्य और ईरान पर नजर

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कदम का तर्क यह दिया गया है कि ईरान ने अपने मिसाइल लॉन्चरों को ऐसे क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया है जो पारंपरिक हथियारों की सीमा से बाहर हैं। अनुमान है कि ये लक्ष्य 480 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर स्थित हैं, जिन्हें साधारण मिसाइल सिस्टम से भेदना मुश्किल है।

अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया

इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। हालांकि, यह कदम संकेत देता है कि भले ही दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन सैन्य तैयारियां लगातार जारी हैं।

वैश्विक शक्ति संतुलन पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तैनाती होती है, तो यह अमेरिका की सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव होगा। इससे Russia और China जैसे देशों के बराबर हाइपरसोनिक क्षमता हासिल करने की दिशा में अमेरिका एक कदम आगे बढ़ेगा, क्योंकि ये देश पहले ही अपने हाइपरसोनिक हथियार तैनात कर चुके हैं।

डार्क ईगल की खासियत

डार्क ईगल को लॉन्ग रेंज हाइपरसोनिक वेपन (LRHW) भी कहा जाता है। यह मैक-5 यानी ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार से लक्ष्य तक पहुंच सकता है और रास्ते में दिशा बदलने में भी सक्षम है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता 2700 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है, हालांकि सटीक जानकारी गोपनीय रखी गई है। इसे Lockheed Martin द्वारा विकसित किया गया है और इसकी प्रति मिसाइल लागत लगभग 1.5 करोड़ डॉलर बताई जाती है।

तनाव के बीच बढ़ती सैन्य तैयारियां

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम लागू है, लेकिन दोनों पक्षों में तनाव कम नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अवधि दोनों देशों द्वारा रणनीतिक तैयारी और हथियार विकास के लिए इस्तेमाल की जा रही है, जिससे भविष्य में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। 

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