36 शुभ संयोग के साथ इस दिन से शुरू हो रहा सावन मास, जानें इस समय कैसे करें पूजा

कोरोना महामारी के कारण  इस साल किसी भी तीज त्योहार का पता नहीं चल पा रहा है। लोग चाहते हुए भी  धार्मिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस बार 06 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। वहीं, सावन मास का समापन 03 अगस्त को होगा।  इस महीने को भगवान शिव का महीना कहते हैं।

Published by suman Published: June 30, 2020 | 8:17 am

लखनऊ:   कोरोना महामारी के कारण  इस साल किसी भी तीज त्योहार का पता नहीं चल पा रहा है। लोग चाहते हुए भी  धार्मिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस बार 06 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। वहीं, सावन मास का समापन 03 अगस्त को होगा।  इस महीने को भगवान शिव का महीना कहते हैं।

 

 

यह पढ़ें…राशिफल 30 जून: आज इन 3 राशियों की नौकरी और प्यार के लिए रहेगा खास, जानें बाकी का हाल

 

36 शुभ संयोग

सावन में भगवान शिव की पूजा करने से वो खुश होते हैं।इस बार सावन के महीने में विशेष शुभ संयोग भी बने है। इस बार इस माह पांच सोमवार हैं, कई सालों बाद सावन की शुरुआत सोमवार के दिन से हो रही है। सावन के पहले दिन सोमवार होने के कारण इसको विशेष महत्वपूर्ण मानते हैं। कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिवजी का व्रत रखने वाले पर भोलनाथ की कृपा बरसती है। बता दें कि कई सालों के बाद इस बार सावन में 36 शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार सावन में 11 सर्वार्थ सिद्धि, 10 सिद्धि योग, 12 अमृत योग और 3 अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं।

ऐसे करें पूजा

सावन माह की शुरुआत होने पर श्रद्धालुओं को सूर्य निकलने से पहले ही नहा-धोकर साफ वस्त्र धारण कर लेना चाहिए। घर में पूजन के स्थान पर भगवान शिव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान शिव का जल से अभिषेक करने के साथ ही उन्हें काले तिल अर्पित करें।ऐसी मान्यता है कि ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करने मात्र से ही भगवान शंकर भक्तों की हर मुराद को पूरा कर देते हैं। इसके अलावा, महादेव को बेल पत्र, चावल, जौ, घी और दूध, दही भी चढ़ा सकते हैं।

 

इस पूजा का बदलेगा तरीका

सावन महीने में इस बार भक्तों को अपने घर पर ही पूजा करना होगा। सावन के महीने में हर साल शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालते थे। इस बार कोरोना वायरस के कारण कांवड़ यात्रा  नहीं होगी। सावन के दौरान मंदिरों में सरकारी गाइडलाइन्स के अनुसार और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही बाबा भोले भंडारी का जलाभिषेक करेंगे। इस बार न तो मंदिरों में भक्तों की ज्यादा भीड़ होगी और न ही शोभायात्राएं निकलेंगी।

 

 

यह पढ़ें…इस दिन से शुरू हो रहा चातुर्मास, अब हर काम होगा निषेध, जानें क्यों

 

वर्जित काम

शास्त्रों के अनुसार सावन माह में भक्तों को बैंगन खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि कई लोग इस सब्जी को अशुद्ध मानते हैं। इसके अलावा, इस दौरान व्रत रखने वाले लोगों को दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए। इसके पीछे धार्मिक मान्यता ये है कि दूध से भोले बाबा का अभिषेक किया जाता है, इसलिए इसका सेवन वर्जित है। इस महीने में भक्तों को मास-मदिरा तथा प्याज-लहसुन के सेवन से भी परहेज करना चाहिए।