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Happy Janmashtami: अगर नहीं बना पा रहे 56 भोग तो श्रद्धापूर्वक करें ये काम

पौराणिक मान्‍यताओं को देखें तो श्रीकृष्ण को अपने बचपन में मक्‍खन बहुत पसंद था। यही नहीं, वह बचपन में ग्‍वालों के साथ मिलकर मक्‍खन चुराया भी करते थे। यही कारण था कि श्रीकृष्ण को 'माखन चोर' भी बुलाया जाता है।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 23 Aug 2019 7:01 AM GMT

Happy Janmashtami: अगर नहीं बना पा रहे 56 भोग तो श्रद्धापूर्वक करें ये काम
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Happy Janmashtami: अगर नहीं बना पा रहे 56 भोग तो श्रद्धापूर्वक करें ये काम
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नई दिल्ली: देशभर में 23 और 24 अगस्त को कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी बड़े ही धूमधाम और हर्षोलास के साथ मनाया जा रहा है। कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के दिन हर घर में तरह-तरह के पकवान और व्यंजन बनाए जाते हैं। कहा जाता है कि जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर अगर श्रीक़ृष्ण को 56 भोग लगाया जाएं तो वह प्रसन्न हो जाते हैं।

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हालांकि, इस भागती-दौड़ती जिंदगी में जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर एकसाथ 56 तरह के व्‍यंजन बना पाना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अब सवाल उठता है कि जन्‍माष्‍टमी के दिन श्रीकृष्‍ण को भोग में क्‍या लगाए जाए जिससे कि वह प्रसन्‍न भी हो जाएं और आपको 56 भोग न बना पाने का मलाल भी न हो।

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अगर आप भी यही सोच रहे हैं तो चिंता मत करिए। आप जन्‍माष्‍टमी के दिन श्रीकृष्‍ण को माखन मिश्री का भोग भी लगा सकते हैं। दरअसल, ऐसी मान्यता है कि अगर आप श्रीकृष्‍ण को श्रद्धापूर्वक माखन मिश्री का भोग चढ़ाएंगे तो वह आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे।

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वैसे पौराणिक मान्‍यताओं को देखें तो श्रीकृष्ण को अपने बचपन में मक्‍खन बहुत पसंद था। यही नहीं, वह बचपन में ग्‍वालों के साथ मिलकर मक्‍खन चुराया भी करते थे। यही कारण था कि श्रीकृष्ण को 'माखन चोर' भी बुलाया जाता है। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार, कृष्‍ण को मैया यशोदा खुद अपने हाथों से माखन मिश्री बनाकर खिलाती थीं।

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