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नि:संतान को होगी संतान, जन्माष्टमी पर करें इस चमत्कारी मंत्र का जाप

इस बार 11 और 12 अगस्त, मंगलवार व बुधवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि हैं जिसे श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं।  कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्तों के लिए शुभता लेकर आता हैं।

Suman  Mishra
Published on: 8 Aug 2020 7:45 AM IST
नि:संतान को होगी संतान, जन्माष्टमी पर करें इस चमत्कारी मंत्र का जाप
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जन्माष्टमी चमत्कारी मंत्र जाप संतान प्राप्ति

लखनऊ इस बार 11 और 12 अगस्त, मंगलवार व बुधवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि हैं जिसे श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्तों के लिए शुभता लेकर आता हैं। इस दिन किए गए कुछ उपाय आपको अभीष्ट फल की प्राप्ति करवाते हैं और जीवन की चिंताओं को दूर करने का काम करते हैं। कान्हा जैसी संतान मिलती है।

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मंत्र का विधि-विधान से जाप

माता-पिता का सम्मान करने और परिवार का नाम रोशन करने वाली संतान की इच्छा किसे नहीं होती है? इस बाबत लोग प्रार्थना भी करते हैं, लेकिन जिस वक्त बच्चे को जन्म होता है, उस समय बन रहे नवग्रह के योग के अनुसार ही संतान की प्राप्ति होती है। यदि सभी ग्रह उच्च के होते हैं तो वह व्यक्ति न केवल ख्याति प्राप्त करता है, बल्कि परिवार का नाम भी रोशन करता है।

janmashtami प्रतीकात्मक

ज्योतिष के अनुसार यदि आप भी यह चाहते हैं कि आपकी आने वाली संतान आपका और अपने परिवार का नाम रोशन करें तो इस जन्माष्टमी पर इसका उपाय आप कर सकते हैं। इसके अलावा यदि शादी को हुए काफी समय हो गया है और आप नि:संतान हैं तो इस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आप यहां दिए गए उपाय कर संतान की प्राप्ति कर सकते हैं। जन्माष्टमी पर यहां दिए गए मंत्र का विधि-विधान से जाप करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं।

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janmashtami प्रतीकात्मक

मंत्र:

ऐं क्लीं देवकी सुत गोविंद, वासुदेव, जगत्पते।

देहि में तनय कृष्ण, त्वाम अहं शरणं गत: क्लीं।।

जाप विधि:

जन्माष्टमी के दिन सुबह या शाम के समय कुश के आसन पर बैठकर इस मंत्र का जाप करें। सामने बालगोपाल की मूर्ति या चित्र अवश्य रखें और मन में बालगोपाल का स्मरण करें। कम से कम 5 माला जाप अवश्य करें। जाप के बाद कान्हा को माखन-मिश्री का भोग लगाएं और स्वस्थ व सुंदर संतान के लिए प्रार्थना करें।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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