दशहरा स्पेशल: भगवान राम के लिए रावण ने किया था यज्ञ, जानिए क्यों

वैसे रावण को लेकर कई ऐसे रोचक तथ्य हैं, जिनके बारे में लोगों को मालूम नहीं है। वह बेहद पढ़ा लिखा राक्षस था। यही नहीं, वह ब्रह्माजी का पड़पौत्र भी था।

लखनऊ: पूरे देश में 8 अक्टूबर (मंगलवार) को धूमधाम से दशहरा मनाया जाएगा। ऐसा कोई भी व्यक्ति देश में नहीं है, जोकि दशानन रावण को न जानता हो। रावण को भारत में एक बुराई के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जबकि श्रीलंका में उसे भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। वैसे एक बार रावण ने भगवान राम के लिए यज्ञ किया था। आइए, जानते हैं इसके पीछे के कारण के बारे में।

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रामायण में एक जगह ये बताया गया है कि रावण में भगवान राम के लिए यज्ञ किया था। वो यज्ञ करना रावण (Ravana) के लिए बहुत जरुरी था, क्योंकि लंका तक पहुंचने के लिए जब राम जी की सेना ने पुल बनाना शुरू किया था, तब शिवजी का आशीर्वाद पाने से पहले उसको राम जी का आराधना करनी पड़ी थी। रावण तीनों लोकों का स्वामी था और उसने न केवल इंद्र लोग बल्कि भूलोक के भी एक बड़े हिस्से को अपने असुरों की ताकत बढ़ाने के लिए कब्जा किया था।

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वैसे रावण को लेकर कई ऐसे रोचक तथ्य हैं, जिनके बारे में लोगों को मालूम नहीं है। वह बेहद पढ़ा लिखा राक्षस था। यही नहीं, वह ब्रह्माजी का पड़पौत्र भी था। इसके अलावा रावण संहिता भी रावण ने खुद रची थी। वीणा बजाने में भी रावण को महारत हासिल थी। शनिदेव को रावण एक बार बंदी भी बना चुका।