करवा चौथ की रात चांंद के दीदार से पहले करेंगे इस मंत्र का जाप तो रहेगा अमर सुहाग

करवाचौथ का व्रत इस साल 17 अक्टूबर 2019 को मनाया जाएगा। करवा चौथ व्रत मंत्र का जाप करना भी उतना ही जरूरी है जितना व्रत कथा, पूजा विधि और सामग्री का खास है। करवा चौथ व्रत मंंत्र से पति लंबी आयु को प्राप्त होते हैं। 

Published by suman Published: October 13, 2019 | 1:47 pm

जयपुर:करवाचौथ का व्रत इस साल 17 अक्टूबर 2019 को मनाया जाएगा। करवा चौथ व्रत मंत्र का जाप करना भी उतना ही जरूरी है जितना व्रत कथा, पूजा विधि और सामग्री का खास है। करवा चौथ व्रत मंंत्र से पति लंबी आयु को प्राप्त होते हैं। पूर्णिमा के चांद के बाद जो चौथ पड़ती है उस दिन करवाचौथ मनाया जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। व्रत में महिलाएं पति के लिए लंब्री उम्र की कामना करती हैं। साथ ही अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद पाती हैं।  करवा चौथ के व्रत और पूजन को पूरे विधि- विधान से किया जाना चाहिए। विधि से व्रत करने से व्रत का 100 गुना फल मिलता है। मां पार्वती की स्तुति के साथ कथा पढ़ी जाती है। साथ ही एक अचूक शक्तिशाली मंत्र का भी जाप किया जाना चाहिए। करवाचौथ से जुड़ा मंत्र बताने जा रहे हैं। पति की दीर्घायु की कामना कर इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

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मंत्र 

‘नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।’

विदेशों में भी भारतीय महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं। धर्म पुराणों में स्त्री को शक्ति का रूप माना जाता है। हालांकि करवाचौथ का व्रत सिर्फ पतियों तक सीमित नहीं है यह व्रत महिलाएं पति, पुत्र आदि के लिए भी कर सकती हैं। पर खासतौर पर यह व्रत पति के लिए ही किया जाता है। हमारी पौराणिक कथाओं में सावित्री अपने पति को यमराज से वापस ले आती है यानी स्त्री में इतनी शक्ति होती है कि वो यदि चाहे, तो कुछ भी हासिल कर सकती है। इसीलिए महिलाएं करवा चौथ के व्रत के रूप में अपने पति की लंबी उम्र के लिए भूखी-प्यासी रहकर तप करती हैं। व्रत में महिलाएं स्नान आदि कर सोलह श्रृंगार करती हैं। इसके बाद वह सारा दिन निराहार रहती हैं। उपवास के बाद महिलाएं शाम में पार्वती माता की पूजा कर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।

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व्रती महिलाएं करवाचौथ में गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें। कथा सुनने के बाद करवे पर हाथ घुमाकर अपनी सासुजी के पैर छूकर आशीर्वाद लें और करवा उन्हें दे दें। 13 दाने गेहूं के और पानी का लोटा या टोंटीदार करवा अलग रख लें। चन्द्रमा निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे देखें और चन्द्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद पति से आशीर्वाद लें। उन्हें भोजन कराएं और स्वयं भी भोजन कर लें। पति की लंबी आयु का कामना के बाद दूसरी महिलाओं को भी करवाचौथ की बधाई दें। साथ ही बड़े-बुजुर्गों से सौभाग्यवति का आशीर्वाद प्राप्त करें।