आपके बच्चे का लगेगा पढ़ाई में मन, होगा तेज दिमाग, आजमाएं ये आसान उपाय

बच्चे एक बार फिर से पढ़ाई में जुटने वाले हैं। अगर बच्चा पढाई से दूर भागता है तो घर में मौजूद वास्तु दोष इसका कारण हो सकता है। आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा भी बच्चों को एकाग्रता से दूर ले जा सकती है।

जयपुर: हर माता – पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा अच्छे से पढ़े लिखे व नाम कमाएं।लेकिन जब बच्चे का पढ़ाई  में मन नहीं लगता है तो अभिभावक के लिए चिंता का विषय हो जाता है। इधर लंबे हॉलीडे के बाद सारे स्कूल खूल गए है और फिर से नन्हें कंधों पर पढाई के बोझ आ गया है। बच्चे एक बार फिर से पढ़ाई में जुटने वाले हैं। अगर बच्चा पढाई से दूर भागता है तो घर में मौजूद वास्तु दोष इसका कारण हो सकता है। आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा भी बच्चों को एकाग्रता से दूर ले जा सकती है। वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं, जिनसे स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। जानते हैं …

जानिए चंद्र ग्रहण से पड़ने वाले प्रभाव, सावधानी व उससे मिलने वाले लाभ के बारे में

*जो बच्चे पाठ ठीक से याद नहीं कर पाते, उन्हें अपने पास कपूर और फिटकरी रखनी चाहिए। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर देते हैं।
*चंदन का तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध रहती है साथ ही स्मरण शक्ति भी बढ़ती है। बच्चों को तुलसी के 11 पत्तों का रस मिश्री के साथ नियमित रूप से दें।
*छात्रों को अध्ययन करते समय जूते मोज़े नहीं पहनना चाहिए। विद्यार्थियों को बुधवार के दिन भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए बेसन के लड्डू का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।
*बच्चों के कमरे में नीम की एक डाली लगा दें। ऐसा करने से कमरे का वातावरण शुद्ध होता है और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

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*बच्चों के अध्ययन कक्ष में मां सरस्वती का चित्र लगाएं और मां के समक्ष कपूर का दीपक जलाएं। अध्ययन कक्ष में हरे रंग के परदे लगाने चाहिए।
*पढ़ते समय विद्यार्थी अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। गायत्री मंत्र का जाप करने से भी मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
*बच्चे जहां भी पढ़ाई करें वहां प्राकृतिक रोशनी हो। पाठ्य पुस्तकों में गुरुवार के दिन मोरपंख रखें।
*बच्चों के कमरे में दौड़ते हुए घोड़े या उगते हुए सूरज की तस्वीर लगाएं। पढ़ाई की मेज पर खाद्य सामग्री न रखें।