घर-आंगन में गूंजेगी किलकारी, निसंतान को मिलेगी संतान,आज ही करें ये सरल उपाय

शादी के बाद व्यक्ति के जीवन में बहुत बदलाव आते हैं। व्यक्ति के जीवन में चुनौतियों और जिम्मेदारियों में भी इजाफा होता है। ऐसे में जिंदगी में खुशियों के साथ कई तरह की समस्याएं भी आती हैं। जैसे कि संतान से संबंधित। 

Published by suman Published: February 10, 2020 | 6:50 am
Modified: February 10, 2020 | 12:55 pm

जयपुर: शादी के बाद व्यक्ति के जीवन में बहुत बदलाव आते हैं। व्यक्ति के जीवन में चुनौतियों और जिम्मेदारियों में भी इजाफा होता है। ऐसे में जिंदगी में खुशियों के साथ कई तरह की समस्याएं भी आती हैं। जैसे कि संतान से संबंधित।  ऐसे कई लोग हैं जिनकी शादी को हुए कई साल गुजर चुके हैं, लेकिन उनके घर में नन्हीं किलकारियों की गूंज नहीं सुनाई दी है।इस समस्या के कई ज्योतिषीय और चिकित्सकीय कारण होते हैं। ऐसे में डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

 

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यदि किसी दंपति को संतान नहीं हो रही है तो वो अपने घर में गोपाल यंत्र स्थापित करें और गुरुवार को  केले और पीपल के वृक्ष की सेवा करें तो संतान की प्राप्ति होती है।

गुरुवार को पीला वस्त्र पहने,  पीली वस्तुओं का दान दें और पीला भोजन करें संतान की प्राप्ति इस उपाय से जल्दी होती है।

रविवार को छोड़कर किसी भी दिन नि:संतान स्त्री पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाती है तो उसे उत्तम संतान की प्राप्ति होती है।

यदि वर-वधू के घर में पितृदोष के कारण संतानहीनता हो या जन्म लेने वाली संतान अपरिपक्व या अल्पायु हो तो वैवाहिक जीवन में नई समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसी स्थिति में किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह पर नारायण नागबलि विधि करें। तो वहीं, अनिष्ट ग्रहों के कारण होने वाली समस्या के निवारण के लिए ग्रहों के जप, होम और दान करें या सत्यपुरुष के चरित्र का वाचन कर सकते हैं।

 

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यदि अनजान कारणों से दंपत्ति में अनबन हो तो विवाह होम एक दो वर्षों के बाद करते रहें। पति के अविचारी, लोभी या दुष्ट होने पर पत्नियां रोज श्री रुक्मिणी स्वयंवर का पाठ करती रहें।

प्रदोष तिथि के दिन शिव-पार्वती की पूजा करें। यदि इतना करने के बावजूद पति-पत्नी में दरार बढ़ती जाए और बात तलाक तक पहुंच जाए तो दोनों में से एक या दोनों 16 सोमवार का व्रत करें मनोकामना जरूर पूरी होगी। और आपको संतान की प्राप्ति जरूर होगी।

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आम की जड़ को लाकर उसे में घिसकर दूध में पिलाने से स्त्री की सूनी गोद भर जाती है।