राशि के अनुसार इन चीजों को करें मां दुर्गा को अर्पित, बरसेगी असीम कृपा

अगर नवरात्रि में कुछ भूल चूक हो गई हो तो कोई बात नहीं, अभी नवरात्रि के महत्वपूर्ण उत्तम दिन आने वाले हैं। गुरुवार से पंचमी तिथि शुरू हो रही है। आप अपनी राशि के अनुसार मां के चरण में ये चीजें अर्पित कर सकती है।  नवरात्रि मां के श्रीचरण में नौ दिन अलग-अलग ये चीजें अर्पित करने से मां की असीम कृपा भक्तों को मिलती है।

जयपुर: अगर नवरात्रि का पहला दिन बीत गया है। आज द्वितीया तिथि जो कुछ भूल चूक हो गई हो तो उसे सुधार लें। अभी नवरात्रि के महत्वपूर्ण उत्तम दिन आने वाले हैं। गुरुवार से पंचमी तिथि शुरू हो रही है। आप अपनी राशि के अनुसार मां के चरण में ये चीजें अर्पित कर सकती है।  नवरात्रि मां के श्रीचरण में नौ दिन अलग-अलग ये चीजें अर्पित करने से मां की असीम कृपा भक्तों को मिलती है। इसके अलावा अलग-अलग राशियों के लोगों को भी मां अम्बे की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

अगर इस नवरात्रि करेंगे सप्तशती के इस अध्याय का पाठ तो मिलेगी सुशील बहू व अच्छी पत्नी

मेष: लाल या गाढ़ा गुलाबी वस्त्र, लाल फूल, लाल पेड़ा आदि चढ़ाएं ।
वृष: श्वेत वस्त्र, बतासा, केला, आदिचढ़ाएं ।
मिथुन: हरा वस्त्र, हरे रंग का नैवेद्य, नाशपाती, मोसम्बी आदि चढ़ाएं ।
कर्क: श्वेत वस्त्र, लाचिदाना, मखाना आदि चढ़ाएं ।
सिंह: लाल, गुलाबी वस्त्र, अनार, लाल मिष्ठान, किशमिश आदि चढ़ाएं ।
कन्या: हरा वस्त्र, हरा फल आदि चढ़ाएं ।
तुला: श्वेत वस्त्र, बतासा, केला आदि चढ़ाएं ।
वृश्चिक: लाल या गाढ़ा गुलाबी वस्त्र, लाल फूल, लाल पेड़ा आदि चढ़ाएं ।
धनु: पीला वस्त्र, पीला पेड़ा, हल्दी आदि चढ़ाएं ।
मकर: सलेटी वस्त्र, गहरे रंग की वस्तुएं आदि चढ़ाएं ।
कुंभ: सलेटी रंग का वस्त्र, गहरे रंग की सामग्री आदि चढ़ाएं ।
मीन: पीला या सुनहरा वस्त्र, पीला पेड़ा, पीला फल आदि चढ़ाएं।

30 सितंबर: मां की भक्ति में बितेगा पूरा दिन या होगा और भी काम, जानिए पंचांग व राशिफल

मां दुर्गा को चढ़ाएं ये समान: नवरात्र के 4 दिन बीत गए अब अगर कोेई कमी रह गई होतो परेशान ना हो उसे अब भी कर सकते है। दिन के हिसाब से मां को ये चीजें भी अर्पित  कर सकते हैं अगर अब तक ना किया होतो अब कर लें। पंचमी से महिषासुरमर्दनी का दिन शुरू हो रहा है।

प्रथम और दूसरे दिन मां को उड़द, हल्दी  तिल, शक्कर, लाल-पीली चूड़ियां, गुलाल चढ़ाना चाहिए। जो पहले भी बताया गया है।
तृतीया और चौथे दिन खीर, काजल, लाल वस्त्र, दही, मौसमी फल, सिंदूर, मसूर माता रानी को अर्पित करें।
पंचमी को मां को कमल का पुष्प, बिन्दी चढ़ाएं।

षष्ठी के दिन मां दुर्गा को चुनरी, पताका दुर्वा। चढ़ाना चाहिए।
सप्तमी के दिन अड़हुल पुष्प, बतासा, मौसमी फल, इत्र चढ़ाना चाहिए।
अष्टमी के दिन मां गोरी को पूड़ी, पीले रंग की मिठाई, कमल गट्टा, लाल वस्त्र, चंदन चढ़ाने से खुश होती है।
नवमी के दिन माता सिद्धीदात्री को खीर, श्रृंगार सामग्री, साबूदाना, विविध फल, अक्षत, बतासा चढाएं।