सच्चे मन से करें नवरात्रि के आखिरी दिन इस देवी की आराधना, मोक्ष की होगी पूरी कामना

नवरात्रि के नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि का नौवां और अंतिम दिन माता सिद्धिदात्री को समर्पित है। नवदुर्गा का वह स्वरूप जो सिद्धि और मोक्ष देने वाली है उसे सिद्धिदात्री कहते हैं।नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा

नवरात्र पर विशेष : मां दुर्गा की उपासना का पर्व है नवरात्र

जयपुर: नवरात्रि के नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि का नौवां और अंतिम दिन माता सिद्धिदात्री को समर्पित है। नवदुर्गा का वह स्वरूप जो सिद्धि और मोक्ष देने वाली है उसे सिद्धिदात्री कहते हैं।नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा से  यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। सिद्धिदात्री देवी उन सभी भक्तों को सिद्धियां प्रदान करती हैं, जो सच्चे मन से उनके लिए आराधना करते हैं।
मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं को भी मां सिद्धिदात्री से ही सिद्धियों की प्राप्ति हुई है। माता सिद्धिदात्री देवी कमल के आसन पर विराजमान हैं। इनके हाथों में शंख, चक्र, कमल और गदा है। माता सिद्धिदात्री को देवी सरस्वती का भी स्वरूप माना जाता है।

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इस मंत्र से करें देवी की पूजा

सिद्धगंधर्वयक्षादौर सुरैरमरै रवि।
सेव्यमाना सदाभूयात सिद्धिदा सिद्धिदायनी॥

सिद्धिदात्री की कृपा से मनुष्य सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त कर मोक्ष पाने मे सफल होता है।