तिथि,वार व नक्षत्रों को ना ले हल्के में, हो जाए सावधान नहीं तो होगा लेन-देन में नुकसान

पहले के समय में लोग किसी से कोई समान या पैसे की लेन-देन करते थे तो सुबह और शाम का ध्यान जरूर रखते थे, लेकिन अब लोगों का मुहूर्त और समय से कोई लेना देना नहीं हैं। लोग पैसे के लेनदेन के दौरान मुहूर्त का ध्यान नहीं रखते हैं जो कि उनके लिए नुकसानदेय हैं। ज्योतिष के अनुसार  

जयपुर: पहले के समय में लोग किसी से कोई समान या पैसे की लेन-देन करते थे तो सुबह और शाम का ध्यान जरूर रखते थे, लेकिन अब लोगों का मुहूर्त और समय से कोई लेना देना नहीं हैं। लोग पैसे के लेनदेन के दौरान मुहूर्त का ध्यान नहीं रखते हैं जो कि उनके लिए नुकसानदेय हैं। ज्योतिष के अनुसार  वार, तिथि और नक्षत्र काम के लिए अनुकूल या प्रतिकूल है यह विस्तार से बताया गया है। उन समय और मुहूर्त के बारे में जो कर्ज के लेनदेन से जुड़ा हैं। तो जानते हैं इसके बारे में।

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*वार कभी भी मंगलवार, शनिवार और रविवार को कर्ज नहीं लेना चाहिए। इसी प्रकार बुधवार के दिन किसी को भी उधार नहीं देना चाहिए। इस दिन दिया गया उधार डूब सकताहै। योग वृद्धि योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग में भी कर्ज में लिया गया ऋण कभी चुकता नहीं होता।

*हस्त नक्षत्र में लिया गया कर्ज कभी नहीं चुकाया जाता। भूलकर भी हस्त नक्षत्र में कर्ज न लें लेकिन चुकाना समृद्धि और सौभाग्य लाता है। मूल, आद्रा, ज्येष्ठा, विशाखा, कृतिका, ध्रुव संज्ञक नक्षत्र अर्थात उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ तथा उत्तराभाद्रपद एवं रोहिणी आदि नक्षत्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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* इसी तरह चर लग्न में कर्जा नहीं देना चाहिए वर्ना वापस नहीं मिलता है। चर लग्न में पांचवें व नौवें स्थान में शुभ ग्रह व आठवें स्थान में कोई भी ग्रह नहीं हो, वरना ऋण पर ऋण चढ़ता चला जाएगा। चर लग्न जैसे मेष, कर्क, तुला और मकर में कर्ज लेने पर शीघ्र ही उतर जाता है, लेकिन इन चर लग्न में कभी किसी को कर्ज नहीं देना चाहिए।

*संक्रांति साल में 12  होती है। उन सभी संक्रातियों में कर्ज का लेन देन नहीं करना चाहिए। जिस दिन भी किसी को उधार दें उस दिन तिथि का जरुर ध्यान रखें नहीं तो आपके पैसे को डूबने से कोई नहीं बचा सकता है।