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बिहार में सियासी भूकंप: JDU में RLSP के विलय से पहले झटका, अकेले पड़े उपेंद्र कुशवाहा

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के जनता दल (यू) में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन उससे पहले ही RLSP को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के कई नेताओं ने अब राजद का दामन थामने का फैसला किया है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 12 March 2021 9:56 AM GMT

बिहार में सियासी भूकंप: JDU में RLSP के विलय से पहले झटका, अकेले पड़े उपेंद्र कुशवाहा
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बिहार: एक तरफ देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है तो वहीं दूसरी तरफ बिहार में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के जनता दल (यू) में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन उससे पहले ही RLSP को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के कई नेताओं ने अब राजद का दामन थामने का फैसला किया है।

दोनों नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें

दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP का नीतीश कुमार की पार्टी JDU । दोनों नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि 14 मार्च को उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी की अहम बैठक के बाद इसे लेकर अंतिम निर्णय भी लेने वाले हैं। लेकिन ये फैसला होने से पहले ही पार्टी में टूट होती दिख रही है।

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा, प्रदेश महासचिव निर्मल कुशवाहा, महिला सेल की प्रमुख मधु मंजरी कार्यकर्ताओं के साथ RJD में शामिल हो रहे हैं।

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राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध मेहता भी पार्टी छोड़ चुके हैं

बता दें कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी RLSP के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी ने उपेंद्र कुशवाहा का साथ छोड़ दिया था। चुनाव नतीजों के बाद राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश यादव और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध मेहता भी पार्टी छोड़कर लालटेन का दामन थाम चुके हैं।

बीते महीनों में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में जबरदस्त टूट हुई है, जो अभी तक जारी है। ऐसे में लगातार लग रहे इन झटकों का मर्जर पर क्या असर पड़ता है, ये देखने वाली बात होगी।

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गौरतलब है कि नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा का साथ लंबा रहा है, लेकिन 2013 में नाराजगी के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू छोड़ अपनी अलग पार्टी बना ली थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी।

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