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बुजुर्ग बना मिसाल: 70 साल की उम्र में किया ऐसा काम, हर कोई कर रहा वाह-वाही

बिहार के गया के रहने वाले लौंगी भुईयां ने अपनी तीस साल की कड़ी मेहनत से पहाड़ काट कर पांच किलोमीटर लंबी नहर तैयार कर डाली है। अब पहाड़ और बारिश का पानी नहर से होते हुए खेतों में जा रहा है, जिससे तीन गांवों को लाभ मिल रहा है। 

Shreya

ShreyaBy Shreya

Published on 13 Sep 2020 5:46 AM GMT

बुजुर्ग बना मिसाल: 70 साल की उम्र में किया ऐसा काम, हर कोई कर रहा वाह-वाही
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बुजुर्ग बना मिसाल: 70 साल की उम्र में किया ऐसा काम, हर कोई कर रहा वाह-वाही
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गया: कहते हैं कि अगर आपके हौसले बुलंद हो तो आप किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है, 70 साल के बुजुर्ग लौंगी भुईयां ने। जिन्होंने गांव वालों की मुश्किलों को दूर करने के लिए अकेले के दम पर पांच किलोमीटर लंबी नहर बना डाली। बिहार के गया के रहने वाले लौंगी भुईयां ने अपनी तीस साल की कड़ी मेहनत से पहाड़ काट कर इतनी लंबी नहर तैयार कर डाली है। अब पहाड़ और बारिश का पानी नहर से होते हुए खेतों में जा रहा है, जिससे तीन गांवों को लाभ मिल रहा है।

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परिवार ने किया था मना, लेकिन करते रहे नहर की खुदाई

लौंगी भुईयां ने कड़ी मेहनत से कईयों के लिए मिसाल पेश कर दी है, जिसे देश कभी नहीं भुला पाएगा। उन्होंने पहाड़ से गिरने वाले बारिश के पानी को गांव तक लाने की ठानी और करीब 30 सालों तक कड़ी मेहनत के बाद नहर बना ली। वो रोज अपने घर से जंगल में पहुंच कर नहर बनाने का काम करते थे। कोठीलवा गांव के रहने वाले भुईयां ने बताया कि पहले परिवार के लोगों ने उन्हें खूब मना किया, लेकिन उन्होंने किसी की ना सुनते हुए नहर खोदने में जुट गए। लौंगी भुईयां अपने बेटे, बहू और पत्नी के साथ रहते हैं।

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इस वजह से नहर बनाने की सोची

दरअसल, इलाके में पानी की कमी होने की वजह से लोग केवल मक्का और चना की खेती ही किया करते थे। ऐसे में गांव के सभी युवा अच्छी नौकरी पाने की चाह में गांव से पलायन कर चुके थे। ऐसे में उन्होंने सोचा कि अगर गांव में पानी की व्यवस्था हो जाए तो लोगों के पलायन को रोका जा सकता है। ऐसे में उन्होंने ना केवल नहर बनाने की सोची, बल्कि तीस साल की कड़ी मेहनत के बाद आज नहर बनकर तैयार है। इससे तीन गांव के तीन हजार लोगों को फायदा हो रहा है। गांव वालों का कहना है कि जब से होश संभाला है, तब से लौंगी भुईयां को घर में कम, जंगल में ज्यादा देखा है।

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देश में हर कोई जज्बे को कर रहा सलाम

वहीं भुईयां का कहना है कि अगर सरकार की तरफ से कुछ मदद कर दी जाए तो और हमें खेती के ट्रैक्टर जैसी सुविधा मिल जाए तो हम बंजर पड़ी जमीन को खेती के लिए उपजाऊ बना सकते हैं। इससे काफी लोगों को मदद मिलेगी। लौंगी भुईयां ने अपने काम से सभी के लिए मिसाल पैदा कर दी है। सभी उनके काम से प्रभावित हैं। आज हर कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। उन्होंने पांच फीट चौड़ी और तीन फीट गहरी नहर बना कर हजारों लोगों की मुश्किलों को हल कर दिया है।

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