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राष्ट्रपति भी हैं इस बिहारी गुरु के मुरीद, जानें इनकी खासियत

आज भी वे शब्द मेरे कानो मे प्रेम पूर्वक सुनाई देते है। जब मेरी पहली मुलाकात महामहिम रामनाथ कोविद जी से हुई। जैसे ही मेरे कदम उनके दरवाजे के पास पहुंचा आदरणीय रामनाथ कोविद जी ने बोला आइए मैथेमेटिक्स गुरू आइए। कैसे है आप। मेरी तो पहली मुलाकात महामहिम महोदय से थी, प

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SumanBy Suman

Published on 23 July 2020 4:51 AM GMT

राष्ट्रपति भी हैं इस बिहारी गुरु के मुरीद, जानें इनकी खासियत
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पटना : आज भी वे शब्द मेरे कानो मे प्रेम पूर्वक सुनाई देते है। जब मेरी पहली मुलाकात महामहिम रामनाथ कोविद जी से हुई। जैसे ही मेरे कदम उनके दरवाजे के पास पहुंचा आदरणीय रामनाथ कोविद जी ने बोला आइए मैथेमेटिक्स गुरू आइए। कैसे है आप। मेरी तो पहली मुलाकात महामहिम महोदय से थी, परंतु हमें तो उनकी बातों से लगा की कितने वर्षों से वे हमें पहचानते है।मीटिंग के बाद वापस लौटते समय महामहिम महोदय ने बोला आप गरीब बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा में बहुत अच्छा कार्य कर रहे है। आगे भी आप बेहतर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान निरंतर देते रहे। आपको हमारी शुभकामनाएं।

बिहार के प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया में पिछले कुछ वर्षों से मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव मशहूर नाम हो गए है। और हो भी क्यों ना, आर के श्रीवास्तव अपने शैक्षणिक संस्था में विलक्षण प्रतिभा वाले किड्स एवम गूगल बॉय की फौज तैयार कर रहे है वो भी सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा में गणित पढ़ाते हैं। इसके अलावा श्रीवास्तव के साथ ही आर्थिक रूप से गरीबों की नहीं रूकेगी पढ़ाई अभियान चला रहे हैं जिसका लाभ ले काफी गरीब बच्चे आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जा चुके है। बिक्रमगंज जैसे एक छोटे से शहर के आर के श्रीवास्तव ने इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों के नन्हे सपनों को साकार करने की जदोजहद में लगे है।

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गरीबों के नहीं रूकेगी पढ़ाई

बचपन के 5 वे साल में पिता पारसनाथ लाल के गुजरने से अनाथ हो गए और युवा अवस्था में भी एक जोरदार का झटका लगा। पिता के स्थान पर बड़े भाई शिव कुमार श्रीवास्तव का भी साथ 2014 में छूट गया ,पिता की मृत्यु से गांव राजपुर जमोढ़ी को छोड़ बिक्रमगंज बसा परिवार कई मुश्किलों से गुजर चुका है मेहनत ,परिवार का आशीर्वाद और गणित के प्रति लगाव ने आर के श्रीवास्तव को आज एक ब्रांड बना दिया है। देश के प्रतिष्ठित लोग भी श्रीवास्तव का लोहा मान चुके है तथा मैथेमेटिक्स गुरू के आर्थिक रूप से गरीबों के नहीं रूकेगी पढ़ाई अभियान की सभी ने सराहना हो रही है।

नये बिहार अनमोल रत्न

बिहार आदिकाल से ही शिक्षा से देश-दुनिया में वर्चस्व कायम रख चुका है। आज के समय में भी देश में सबसे अधिक आईएएस, आईआईटी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं मे बिहारी स्टूडेन्टस सबसे अधिक सफल हो रहे।

उभरता चेहरा मैथेमेटिक्स गुरु

मैथेमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तव जो देश का सबसे जीनियस बच्चा गुगल ब्वाय कौटिल्य पंडित के गुरु है। इस अभियान के तहत दर्जनों गरीब बच्चे आईआईटी सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों मे दाखिला लें अपने सपनों को पंख लगा रहे। चाहे वे सब्जी विक्रेता का बेटा हो या पान विक्रेता का।

मैथमेटिक्स पढ़ाने की जादुई कला

रोहतास जिले के आर के श्रीवास्तव और उनकी मैथमेटिक्स पढ़ाने की जादुई कला को कौन नहीं जानता। पिछले साल एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने गूगल बॉय के गुरु आर के श्रीवास्तव को डॉक्टरेट के मानद उपाधि से भी सम्मानित किया। आनंद कुमार, अभयानंद और मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तव जैसे शिक्षक हैं जो लगातार बिहार का मान बढ़ा रहें हैं।

नाइट क्लास की धूम

इनके नाइट क्लास की धूम पूरे देश में है, आर के श्रीवास्तव के नाइट क्लास के रूप मे लगातार पूरे 12 घंटे बच्चों को शिक्षा देने के मुहिम अब देशव्यापी रूप लेने लगा है। देश के अन्य विभिन्न जगहों के शिक्षक अपने शैक्षणिक संस्थानों में भी नाइट क्लास के प्रारूप बना रहे है।

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देशभर में गेस्ट फैक्लटी के रुप बुलाए जाते

आर के श्रीवास्तव को देश के अन्य राज्यों के शैक्षणिक संस्थाएं भी गेस्ट फैक्लटी के रूप मे अपने यहां शिक्षा देने बुलाती है। शिक्षक भी बच्चों के साथ आर के श्रीवास्तव के क्लास लेने के तरीकों को समझने के लिए क्लास में बैठते है की कैसे पूरे रात अनुशासन मे बच्चों को पढ़ाया जा सकता है। क्लास देखकर बच्चे सहित शिक्षक भी श्रीवास्तव को धन्यवाद देते है की पढ़ाने की ऐसी कला सारे शिक्षकों मे आ जाये तो कोई बच्चा शिक्षा से अपने को दूर नहीं रह पायेगा और सफलता उसके कदम चूमेगी।

वे बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गणित में बहुत अधिक रुचि थी जो नौंवी और दसवी तक आते-आते परवान चढ़ी।कई रास्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुके है। आर के श्रीवास्तव का बचपन भी काफी गरीबी से गुजरा है। परन्तु अपने कड़ी मेहनत, उच्ची सोच, पक्का इरादा के बल पर आज देश मे मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हो गए हैं। आज आर के श्रीवास्तव बिहार का गौरव है।

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ऐसा सपना

आर के श्रीवास्तव का सपना है वंडर किड्स प्रोग्राम को देशव्यापी रूप देना।ऐसा स्कूल खोला जाए जहां पर छठीं क्लास से स्टूडेंट्स को विधिसम्मत गणित, भौतिकी और रासायनिकी की शिक्षा दी जाए। जिसमें कुछ हद तक वे सफल भी हो रहे है। उनके स्टूडेंट गूगल बॉय कौटिल्य, बिहार का कुशाग्र, रोहित सहित बहुत सारे मेरे स्टूडेंट है जो क्लास 5, 6 और 7 में पढ़ते हैं परन्तु 10वी ,11 वी ,12 वीं तक के पेपर को हल कर लेते हैं।

कई रिकॉर्ड नाम दर्ज

अपनी पहचान बना चुके बहुमुखी प्रतिभा के धनी मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। वो कई अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुके है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, एक्सीलेन्स प्राइड अवार्ड , इंडिया आइडल अवार्ड सहित अनेकों अवॉर्ड श्रीवास्तव को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए मिल चुके है। अब वो दूसरों को पंख लगाने की राह में अग्रसर है।

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