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बाबरी फैसला: बिहार के RK Srivastava ने जताई खुशी, बोले - जय श्रीराम

आरके श्रीवास्तव ने आज लालकृष्ण आडवाणी जी के संघर्षो को जो बचपन में सुना था उसका भी जिक्र किया। 90 के दशक में आडवाणी जी द्वारा हम सभी के आराध्या प्रभू श्री राम के मंदिर के स्थापना के लिये किया गया रथयात्रा एतिहासिक था।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 30 Sep 2020 10:35 AM GMT

बाबरी फैसला: बिहार के RK Srivastava ने जताई खुशी, बोले - जय श्रीराम
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बाबरी फैसला: बिहार के RK Srivastava ने जताई खुशी, बोले - जय श्रीराम
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बिहार: बाबरी विध्वंस केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित सभी 32 आरोपियों को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया है। आपको बता दें कि आडवाणी, जोशी, उमा भारती सहित कई नेता कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। जज जिस वक्त फैसला सुना रहे थे, उस वक्त आडवाणी अपनी बेटी का हाथ थामे अपने घर पर टीवी देख रहे थे।

यह विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था-जज

छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के आपराधिक मामले में 28 साल बाद जज सुरेंद्र कुमार यादव की विशेष अदालत अपना फैसला सुना दिया है। जज ने फैसला पढ़ते हुए कहा है कि यह विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था बल्कि आकस्मिक घटना थी। विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी व कल्याण सिंह सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है।

49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इसमें से 17 की मौत हो चुकी है

इस मामले में 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इसमें से 17 की मौत हो चुकी है। सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों ने करीब आठ सौ पन्ने की लिखित बहस दाखिल की है। इससे पहले सीबीआई ने 351 गवाह व करीब 600 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं। 30 सितंबर, 2019 को सुरेंद्र कुमार यादव जिला जज, लखनऊ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें फैसला सुनाने तक सेवा विस्तार दिया था।

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आरके श्रीवास्तव ने लालकृष्ण आडवाणी से की शिष्टाचार भेंट

आरके श्रीवास्तव ने आज लालकृष्ण आडवाणी जी के संघर्षो को जो बचपन में सुना था उसका भी जिक्र किया। 90 के दशक में आडवाणी जी द्वारा हम सभी के आराध्या प्रभू श्री राम के मंदिर के स्थापना के लिये किया गया रथयात्रा एतिहासिक था। आपको बताते चले की इसी वर्ष 2020 के फरवरी में मैथेमैटिक्स गुरू के नाम से मशहूर आरके श्रीवास्तव ने पद्मविभूषण लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात किया। आरके श्रीवास्तव की टीम ने सुप्रिम कोर्ट का फैसला का स्वागत करते हुये अडवाणी के रथयात्रा और मंदिर निर्माण में योगदान के लिये धन्यवाद के साथ आभार व्यक्त किया।

यह पल एतिहासिक हो गया

आरके श्रीवास्तव ने अडवाणी जी से मुलाकात को शेयर करते हुये कहा की एक छोटे से गाँव के शिक्षक के लिये घर का चाय पिलाना और मीठा खिलाना यह दर्शाता है की आडवाणी जी कितने महान व्यक्तित्व के हैं और समाज का आईना कहे जाने वाले शिक्षकों से कितना प्यार करते है। पद्मविभूषण से सम्मानित राष्ट्र गौरव देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मिलने मैथेमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव पहली बार जब उनके आवास पर गए थे। उस मुलाकात को यादगार बताते हुये आरके श्रीवास्तव ने कहा की उनके द्वारा दिये गये प्यार और आशीर्वाद को भुल नही सकता।

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आरके श्रीवास्तव को उज्ज्वल भविष्य के लिए दिया आशीर्वाद

उनसे घंटो शैक्षणिक बातचीत से बहुत कुछ सीखने को मिला। एक छोटे से गाँव के शिक्षक के लिये घर का चाय पिलाना और मीठा खिलाना यह दर्शाता है की आडवाणी जी कितने महान व्यक्तित्व के है और समाज का आईना कहे जाने वाले शिक्षको से कितना प्यार करते है। आरके श्रीवास्तव ने इस शिष्टाचार भेट के दौरान अपने शैक्षणिक कार्यशैली से उनको रुबरु कराया। लालकृष्ण आडवाणी ने आरके श्रीवास्तव को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद भी दिया।

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कौन हैं आरके श्रीवास्तव

एक रुपया में पढ़ाते हैं आरके श्रीवास्तव, बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश में मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हैं। खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा लेकर स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं। आर्थिक रूप से सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी आरके श्रीवास्तव का नाम दर्ज है।

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देश के राष्ट्रपति कर चुके हैं प्रशंसा

आरके श्रीवास्तव की शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके हैं। इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

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