चीन की अर्थव्यवस्था को पहली चोट, Oppo को लेने पड़ा ये फैसला

एलएसी पर विवाद को लेकर भारत चीन के बीच तनाव ज्यादा बढ़ गया है। इसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर देखने को मिल रहा है, अब दोनों देश के बीच आर्थिक तौर पर भी असर दिखने लगा है। दोनों देश के बीच हुई कई डील के रद्द होने की आशंका जताई जाने लगी है। लोगों चीनी समानों का बहिष्कार करने लगे है।

Published by suman Published: June 18, 2020 | 9:53 am

नई दिल्ली : एलएसी पर विवाद को लेकर भारत चीन के बीच तनाव ज्यादा बढ़ गया है। इसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर देखने को मिल रहा है, अब दोनों देश के बीच आर्थिक तौर पर भी असर दिखने लगा है। दोनों देश के बीच हुई कई डील के रद्द होने की आशंका जताई जाने लगी है। लोगों चीनी समानों का बहिष्कार करने लगे है।

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लाइव लॉन्चिंग रद्द

बता दें कि बुधवार को चीन की ओप्पो (oppo) भारत में अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन Find X2 के लाइव ऑनलाइन लॉन्चिंग करने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया है। दोनों देशों के बीच सीमा पर टकराव हुआ और 20 सैनिकों की शहादत से मर्माहत स्थानीय समूहों ने चीनी उत्पादों को नकार दिया।

ओप्पो, जिसका भारत में असेंबली प्लांट है, ने इससे पहले बुधवार को अपने नए फाइंड X2 स्मार्टफोन मॉडल के “लाइव लॉन्चिंग की घोषणा की थी, लेकिन बाद में कंपनी ने इसे रद्द कर दिया और कंपनी ने 20 मिनट का, पुराना वीडियो अपलोड किया, जिसमें कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने में भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर ओप्पो के काम के बारे में बताया गया।

 

10.7 फीसदी की हिस्सेदारी

ओप्पो की भारतीय स्मार्टफोन बाजार में करीब 10.7 फीसदी की हिस्सेदारी है। लाइव लॉन्च रद्द होने पर कंपनी ने अब ऑफिसियल कुछ नहीं कहा है। बस दोनों देशों के तनाव को देखते हुए और सोशल मीडिया पर किसी तरह की प्रतिक्रिया से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके पहले इनकी लॉन्चिंग यूरोप में मार्च में की गई थी। ओप्पो (oppo)Find X2 सीरीज में 120Hz अल्ट्रा विजन डिस्प्ले और होल-पंच डिजाइन दिया गया है। Find X2 Pro प्रीमियम मॉडल है, जिसमें 60X डिजिटल जूम का सपोर्ट मौजूद है।

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बता दें कि सीमा पर जारी  तनाव से पहले ही भारत ने चीन से आने वाले एफडीआई के लिए नियम सख्त कर दिए थे। अब चीन से आने वाले हर निवेश की जांच की जाएगी। इधर देश छोटे-बड़े व्यापारियों ने चीनी माल के बहिष्कार का एलान करते हुए ऐसी वस्तुओं की सूची भी जारी की है जो  अगले साल तक चीन को एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का इरादा रखता है।

 

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