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भारत के लिए चेतावनी: देश में फिर दिख सकती है तबाही, आ रही संक्रमण की नई लहर

वैश्विक महामारी (Global Pandemic) कोरोना (Corona) के मामले भारत में लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना की इस तीसरी लहर (Third Wave of Covid India) में संक्रमण की दर बहुत अधिक है।

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Newstrack NetworkPublished By aman

Published on 14 Jan 2022 3:04 AM GMT

corona in india today
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भारत में कोरोना संक्रमण के मामले (फोटो-सोशल मीडिया)

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United Nations : वैश्विक महामारी (Global Pandemic) कोरोना (Corona) के मामले भारत में लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना की इस तीसरी लहर (Third Wave of Covid India) में संक्रमण की दर बहुत अधिक है। हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में अब तक मौतों के आंकड़े कम रहे। मौतों के कम आंकड़ों से अभी देश राहत की सांस ले ही रहा था, कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर भारत के लिए चेतावनी (Warning) जारी कर दी।

-दरअसल, यूएन की रिपोर्ट (UN Report) में दावा किया गया है, कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave of Corona) यानी डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) से पिछले साल अप्रैल से जून महीने के बीच करीब 2.4 लाख लोगों की मौत हुई थी। साथ ही, अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयासों को झटका भी लगा था। यूएन ने इस रिपोर्ट में चेतावनी दी है, कि आने वाले समय में इसी तरह की स्थिति एक बार फिर पैदा हो सकती है।

अर्थव्यवस्था पर होगा असर

गौरतलब है, कि यूएन की वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रॉस्पेक्ट्स (World Economic Situation and Prospects) या WESP 2022 की एक रिपोर्ट की मानें तो, Omicron Variant की वजह से संक्रमण की नई लहरें आ रही हैं। जिससे आने वाले समय में इसका असर अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ना तय है।

रिपोर्ट में दक्षिण एशिया को लेकर गंभीर चिंता

इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत में डेल्टा (Delta Variant) की जानलेवा लहर में पिछले साल यानी 2021 में अप्रैल से जून महीने तक करीब 2.4 लाख लोगों की मौत हुई थी। यूएन की इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि कोरोना वायरस से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अभी तक वैक्सीन की पहुंच सहित वैश्विक नजरिया नहीं अपनाया गया। इस कारण महामारी से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरा बना रहेगा। साथ ही, रिपोर्ट में दक्षिण एशिया (South Asia) में आगे बड़ी परेशानियों का सामना करने जैसी चिंता भी जाहिर की गई है। दरअसल, दक्षिण एशिया में कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) की धीमी रफ्तार नए वेरिएंट को बार-बार बढ़ाने और मामलों में तेजी लाने की वजह बनेगी।

देश में अब तक लगे वैक्सीन के 154 करोड़ डोज

बता दें, कि भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में अब तक वैक्सीन की करीब 154 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी है। याद करें, भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने किस तरह तबाही मचा दी थी। तब देश में तेजी से संक्रमण और मौतें बढ़ी थीं। इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था बिलकुल चरमरा गई थी। अब भारत में तेजी से ओमिक्रॉन (omicron) और कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

भारत के पड़ोसी मुल्क की स्थिति

यूएन की इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है, कि दिसंबर 2021 तक भारत के पड़ोसी राष्ट्र नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 26 प्रतिशत से कम आबादी पूरी तरह वैक्सीनेटेड है। जबकि भूटान,मालदीव, श्रीलंका में 64 फीसदी से अधिक आबादी वैक्सीन लगवा चुकी है।

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