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Coronavirus: भारत में मिला स्ट्रेन कहलाएगा 'डेल्टा', WHO ने किया सभी वेरिएंट का नामकरण

Coronavirus: WHO ने कहा है कि नए वेरियंट के नाम ग्रीक वर्णमाला पर रखे जाएंगे। इस हिसाब से भारतीय वेरियंट बी 1.617.2 को कोरोना का 'डेल्टा' वेरियंट कहा जाएगा।

Neel Mani Lal

Neel Mani LalWritten By Neel Mani LalAshiki PatelPublished By Ashiki Patel

Published on 1 Jun 2021 1:31 PM GMT

Corona Virus
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लखनऊ: कोरोना के नए वेरियंट (New variants of coronavirus) या स्ट्रेन किसी देश के नाम से जोड़े नहीं जाएंगे। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) ने कहा है कि नए वेरियंट के नाम ग्रीक वर्णमाला पर रखे जाएंगे। इस हिसाब से भारतीय वेरियंट बी 1.617.2 को कोरोना का 'डेल्टा' (Delta) वेरियंट कहा जाएगा।

डब्लूएचओ ने अपनी नई नामकरण की घोषणा करते हुए कहा है कि यूनाइटेड किंगडम में मिले कोरोना के बी.1.1.7 वेरियंट को 'अल्फा' वेरियंट कहा जायेगा। साउथ अफ्रीका में मिले बी 1.351 वेरियंट को 'बीटा' वेरियंट, ब्राज़ील में मिले पी1 वेरियंट को ',गामा' वेरियंट और भारत में मिले बी 1.617.2 वेरियंट को 'डेल्टा' वेरियंट कहा जायेगा।

डब्लूएचओ ने कहा है कि ग्रीक लेबल सिर्फ उन्हीं वेरियंट को दिया जाएगा जो 'चिंताजनक' तथा 'निगाह रखने योग्य' श्रेणी के होंगे।

दरअसल, शोधकर्ताओं की मांग थी कि कोरोना वायरस के वेरियंट्स के नामकरण का वैकल्पिक सिस्टम बनाया जाए। शोधकर्ताओं का तर्क था कि वेरियंट के वैज्ञानिक नाम जटिल और कठिन होते हैं जिसके चलते लोग उनको देश के नाम से जोड़ देते हैं। इससे उन देशों के लोगों को बेवजह दोषी ठहराया जाने लगता है।

डब्लूएचओ ने कहा है कोरोना वायरस के वेरियंट आदि की रिसर्च में नामकरण के स्थापित पुराने सिस्टम का ही पालन किया जाएगा। सिर्फ सार्वजनिक बातचीत में ग्रीक वर्णमाला वाले नाम उपयोग में लाये जाएंगे। डब्लूएचओ ने अपील की है कि मीडिया को ग्रीक वर्णमाला वाले नाम ही लिखने चाहिए।

Ashiki

Ashiki

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