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Sunrise over Ayodhya पर हाई कोर्ट ने दायर याचिका को खारिज किया

Sunrise over Ayodhya: सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise over Ayodhya book), नेशनहुड इन अवर टाइम्स नामक पुस्तक में कुछ लोगों ने व्यापक प्रकोप शुरू किया।

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NetworkNewstrack NetworkRagini SinhaPublished By Ragini Sinha

Published on 25 Nov 2021 10:19 AM GMT

Sunrise over Ayodhya
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Sunrise over Ayodhya पर हाई कोर्ट ने दायर याचिका को खारिज किया (Social Media)

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Sunrise over Ayodhya: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार यानी 25 नवंबर को कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद (Congress leader Salman Khurshid) द्वारा लिखी एक पुस्तक की बिक्री खरीद पर तथा सभी प्रकार के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया आपको बता दें कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद (Congress leader Salman Khurshid) ने सनराइज ओवर अयोध्या पुस्तक (Sunrise over Ayodhya) लिखी थी। जिसमे हाई कोर्ट में उसकी बिक्री, खरीद और विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की थी।

जस्टिस ने याचिका की खारिज

आपको बता दें सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise over Ayodhya book), नेशनहुड इन अवर टाइम्स नामक पुस्तक में कुछ लोगों ने व्यापक प्रकोप शुरू किया। मुख्यता इस तथ्य पर कि लेखक ने हिंदुत्व के मजबूर संस्करण की तुलना इस्लामिक स्टेट आईएस (Islamic State IS) और बोको हराम जैसे आतंकवादी समूहों के जिहादी इस्लाम (JihadiIslam) से की थी। जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) ने एक वकील विनीत जिंदल द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यदि आप लोगों को किताब से समस्या है तो आप लोग ही किताब खरीदने से मना क्यों नहीं करते है।

कोर्ट ने क्या कहा

अगर लोग इस किताब को लेकर इतना संवेदनशील महसूस कर रहे हैं, तो इसमें कोई क्या कर सकता है। कोई भी उन्हें इसे पढ़ने के लिए नहीं कह रहा है। वे स्वयं ही अपनी इच्छा से इस बुक को पढ़ रहे हैं। अदालत ने यह भी बोला कि किताब में दिए गए तथ्यों के कारण देश में कोई संप्रदायिक घटना भी नहीं हुई है। अदालत ने आगे कहा की यह तब हुआ जब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि किताब की वजह से देश में सांप्रदायिक दंगे भड़क सकते हैं। हालांकि, संप्रदायिक शांति भंग करना महज एक आशंका है। आप लोग खुद ही सभी को बताएं कि किताब बुरी तरह से लिखी गई है।लोगो को कुछ बेहतर पढ़ने के लिए कहे।

मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है

जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता ने कहा कि है किताब भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है उन्होंने आगे कहा कि अब से किसी भी रूप में प्रकाशित ना हो ना ही प्रिंट हो साथ ही किताब की बिक्री खरीद और सभी प्रकार के विज्ञापन पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है आपको बता दें किताब के विमोचन के बाद नैनीताल में सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid ke ghar tod fod) के घर में काफी तोड़फोड़ की गई ,जानकारी के मुताबिक कई हिस्सों में आग भी लगा दी थी।

21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया

इसी मामले में कुमायूं की पुलिस ने घटना के सिलसिले में 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक अयोध्या फैसले पर खुर्शीद की यह किताब पिछले हफ्ते ही पब्लिश की गई थी इसमें अयोध्या विवाद (Ayodhya vivad) पर सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले की खोज की साथ ही अपनी पार्टी के रैंको के अंदर भी धार्मिक विचारों पर बहस पर नेता अलग होते हैं।खुर्शीद के पार्टी के सहयोगी गुलाम नबी आजाद ने सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि वह इस पूरे मामले पर पूर्णता सहमत नहीं है।

Ragini Sinha

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