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Facebook-Instagram ने हटाया PIB फैक्ट चेक का पोस्ट, केंद्र की दखल के बाद मानी गलती

प्रेस इंफरमेशन ब्यूरो (PIB) के एक पोस्ट को फेसबुक और इंस्टाग्राम ने हटा दिया है। आइए जानते है ऐसा क्यों किया गया...

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NetworkNewstrack NetworkChitra SinghPublished By Chitra Singh

Published on 5 Jun 2021 4:29 AM GMT

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पीआईबी-फेसबुक-इंस्टाग्राम (फोटो- सोशल मीडिया)

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नई दिल्ली: प्रेस इंफरमेशन ब्यूरो (PIB) के एक पोस्ट को फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) ने हटा दिया है, जिसके लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप का करना पड़ा है। कुछ दिन पहले ही पीआईबी (PIB) ने वैक्सीन और उससे जुड़े मौतों के दावे को लेकर को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था।

आपको बता दें कि 25 मई को पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) के आधिकारिक फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया गया था, जिसमें फ्रांस के नोबल पुरस्कार विजेता लुक मोंटेग्नियर (French Nobel Laureate Luc Montagnier) ने दावा किया था कि वैक्सीन लेने वाले लोगों की दो सालों में मौत हो जाएगी। पीआईबी फैक्ट चेक ने लुक मोंटेग्नियर के इस दावे का खंडन करते हुए कहा था कि "ये दावा झूठा है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इस पोस्ट को आगे न शेयर किया जाए।" पीआईबी फैक्ट चेक ने लुक मोंटेग्नियर के दावे को अफवाह करार दिया था।

पीआईबी फैक्ट चेक के इस पोस्ट को लेकर फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) ने बिना स्पष्टीकरण के पोस्ट को डिलीट कर दिया। वहीं मीडिया रिपोर्ट बताती है कि फेसबुक ने एक चेतावनी दी है। इस चेतावनी में कहा गया है कि "झूठी खबर शेयर करने के कारण पीआईबी पेज को अनपब्लिश किया जा सकता है।" जिसके बाद पीबीआई ने केंद्र सरकार की ओर रुख किया। आईटी मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फिर से पोस्ट को प्रकाशित किया गया है।

क्या है पीआईबी फैक्ट चेक

आपको बता दें कि पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) मीडिया में चलने वाली भ्रमित खबरों को फैक्ट चेक करता है। फैक्ट के दौरान जो खबरे सही नहीं होती है उन्हें फेट न्यूज करार दे दिया जाता है और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जाता है, ताकि लोगों तक असली सच्चाई पहुंच सकें।

Chitra Singh

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