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महंगा हुआ होम लोन: रिजर्व बैंक के फैसले का दिखने लगा असर, HDFC ग्राहकों को लगा तगड़ा झटका

HDFC Bank Home Loan: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के एलान के बाद, एचडीएफसी (HDFC Largest Private Sector Bank) ने होम लोन महंगा कर दिया है।

HDFC Bank hikes interest rate after Reserve Bank of India hikes repo rate
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया- एचडीएफसी बैंक: Photo - Social Media

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HDFC Bank Home Loan: चौतरफा महंगाई से पहले ही त्रस्त जनता को देश की सुप्रीम बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने जोर का झटका देते हुए बुधवार को रेपो रेट में बढ़ोतरी का एलान कर दिया। आरबीआई (RBI) के इस फैसले का असर अब दिखने लगा है। निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी बैंक एचडीएफसी (HDFC Largest Private Sector Bank) ने होम लोन महंगा कर दिया है। होम लोन पर बढ़ी ब्याज दरें (Increased interest rates on home loans) एक मई से लागू हो गई हैं।

एचडीएफसी ने बढ़ाया इंटरेस्ट रेट (HDFC hikes interest rate)

एचडीएफसी ने रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट यानि आरपीएलआर में 0.5 प्रतिशत का इजाफा किया है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नई दरें 1 मई 2022 से प्रभावी है। एडजस्टेबल रेट होम लोन स्कीम के तहत होम लोन के लिए आवेदन करने वाले ग्राहकों के लिए नया इंटरेस्ट रेट 0.5 प्रतिशत बढ़ जाएगा और ये उनके इंटरेस्ट के रीसेट तारीख से ही लागू होगा।

रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट (RBI increased repo rate)

रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेस में रेपो रेट में बढोतरी करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो रेट को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया गया है। RBI गवर्नर ने बताया कि केंद्रीय बैंक के मौद्रीक नीति समिति के सदस्यों ने एकमत से रेपो रेट में 4.40 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला लिया है। य़े फैसला बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बता दें कि पिछली बार 22 मई 2020 को रेपो रेट में बदलाव हुआ था। तब से ये 4 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बना हुआ था।

क्या होता है रेपो रेट (what is repo rate)

रेपो रेट वह रेट होता है जिस पर बैंक आरबीआई (RBI) से कर्ज लेते हैं जबकि रिवर्स रेपो रेट (reverse repo rate) वह होती है जिसपर बैंकों को आरबीआई के पास पैसे रखने पर ब्याज मिलता है।


Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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