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गैसों के रिसाव का कहरः हादसे दर हादसे के बावजूद सबक नहीं ले रहे हम

Poison Gases Leak :जयपुर में ट्रीटमेंट प्लांट से कल से जहरीली गैस का रिसाव जारी है शहर में भय और दहशत का माहौल है।

Ramkrishna Vajpei

Ramkrishna VajpeiWritten By Ramkrishna VajpeiShraddhaPublished By Shraddha

Published on 28 May 2021 10:08 AM GMT

जयपुर में ट्रीटमेंट प्लांट से जहरीली गैस का रिसाव जारी
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जयपुर जहरीली गैस लीक (फोटो सोशल मीडिया) 

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Poison Gases Leakage : देश में जहरीली गैस (Poisonous gas) के रिसाव की लगातार हो रही विनाशकारी घटनाओं से हमने आज तक कोई सबक नहीं सीखा है। इस तरह के प्लांट में गैस रिसाव (gas leak) होने की स्थिति में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जाती है। जिसके चलते प्लांट के निकटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन खतरे की चपेट में आ जाता है। ताजा मामला जयपुर का है जहां अभी तक जहरीली गैस के रिसाव पर नियंत्रण नहीं किया जा सका है।

जयपुर में ट्रीटमेंट प्लांट से कल दोपहर तीन बजे से जहरीली गैस का रिसाव जारी है जिसको लेकर जयपुर शहर में भय और दहशत का माहौल बन गया है। गैस के रिसाव को अभी तक कंट्रोल नहीं किया जा सका है। सुरक्षा एजेंसियों ने प्लांट के आसपास के इलाके को खाली करा लिया है। अपुष्ट सूत्रों के हवाले से अमोनिया गैस का रिसाव बताया जा रहा है।

हजारों लोगों ने सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत की है। यह घटना जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके की बताई जा रही है। यह इलाका जयपुर म्युनिसिपल कारपोरेशन के तहत आता है। इस प्लांट का निर्माण 17.71 करोड़ की लागत से किया गया था। ब्रहस्पतिवार को गैस रिसाव शुरू होने के बाद लोगों को दिक्कत होनी शुरू हुई। एसडीआरएफ समेत सुरक्षा एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं।

विशाखापट्टनम में गैस रिसाव हादसा

इससे पहले मई 2020 में विशाखापट्टनम की एक फैक्ट्री में हुए गैस रिसाव की वजह से दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया था। विशाखापट्टनम की घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई थी और एक हजार से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए थे। ये घटना आरआर वेंकटपुरम गांव की एक फैक्ट्रीस में हुई थी। यहां स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ था।

भोपाल गैस हादसा

भोपाल गैस हादसा

भोपाल गैस हादसा इस तरह के हादसों की सबसे भयावह कड़ी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 3 दिसंबर 1984 को यूनियन कार्बाइड कंपनी के कारखाने से एक जहरीली मिथाइल गैस का रिसाव हुआ था। मध्यप्रदेश की तत्कालीन सरकार ने 3,787 लोगों की गैस से मरने वालों के रूप में पुष्टि की थी। कई वर्षों तक लोगों पर इस जहरीली गैस का असर दिखाई दिया था। इस कंपनी में मिथाइलआइसोसाइनाइट (MIC) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इसका उपयोग कीटनाशक बनाने के लिए किया जाता था। वर्ष 2006 में सरकार ने माना था कि रिसाव से करीब पांच लाख 58 हजार 125 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए थे और आंशिक तौर पर प्रभावित होने की संख्या लगभग 38 हजार 478 थी। 3900 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए एवं पूरी तरह अपंगता के शिकार हो गये।

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में हादसा

12 जून 2014 को छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई प्लांट में मीथेन गैस पाइपलाइन में रिसाव हो गया। कंपनी के दो उप महाप्रबंधकों सहित छह लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए।

आंध्र प्रदेश के नगराम में हादसा

27 जून 2014 को आंध्र प्रदेश के नगराम में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयंत्र में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 29 लोग मारे गए और 10 घायल हो गए। लैंको पावर प्लांट को गैस की आपूर्ति के लिए डिज़ाइन की गई 18 इंच की भूमिगत पाइपलाइन, कंडेनसेट/पानी वाली गीली गैस के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया गया था। इससे पाइप खराब हो गया और गैस का रिसाव हो गया। एक प्रज्वलन ने विस्फोट और बाद में आग लगा दी।

बेंगलुरु में गैस रिसाव

17 नवंबर, 2016 को कर्नाटक के बेंगलुरु -हसन-मैसूर और सोलूर के बीच चल रहे एचपीसीएल में गैस रिसाव ने इलाके के गांवों में दहशत पैदा कर दी। कथित तौर पर गैस में सांस लेने के बाद कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिसाव को जल्दी ही देखा गया था और बहुत नुकसान होने से पहले इसे समाहित कर लिया गया था।

उत्तर प्रदेश में गैस रिसाव

15 मार्च, 2017 को उत्तर प्रदेश के कानपुर के कटियार कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के कारण हुए विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। विस्फोट से इमारत की छत गिर गई, जिससे कई लोग फंस गए।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में हादसा

इसी तरह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में दो स्कूलों के पास एक कंटेनर डिपो में रासायनिक रिसाव के कारण फैले जहरीले धुएं के बाद 6 मई, 2017 को लगभग 450 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कैमिकल 'क्लोरो मिथाइल पाइरीडीन' से आंख और सांस लेने में दिक्कत होती है। 13 अप्रैल, 2017 को गुजरात के पोर गांव में एक पीने के पानी की टंकी में क्लोरीन गैस सिलेंडर के वाल्व में रिसाव के बाद कम से कम 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गैस के संपर्क में आने वालों ने आंख और गले में जलन की शिकायत की।

16 मई, 2017 को कर्नाकट के बेलूर के बाहरी इलाके में एक जल उपचार संयंत्र से क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद कम से कम 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिन लोगों ने गैस में सांस ली, उनमें सांस फूलना, मतली और गले में जलन जैसे लक्षण दिखाई दिए। 9 अक्टूबर, 2018 को छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। यह धमाका स्टील प्लांट में कोक ओवन सेक्शन के पास एक मेंटेनेंस जॉब के दौरान एक पाइप लाइन में हुआ।

गुजरात के वलसाड जिले में गैस रिसाव

20 दिसंबर, 2018 को गुजरात के वलसाड जिले में एक ग्लास निर्माण कारखाने के 40 से अधिक श्रमिकों को एक निकटवर्ती रासायनिक कंपनी में क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके साथ दिसंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के फूलपुर स्थित इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड में हुए बड़े हादसे में अमोनिया गैस रिसाव की चपेट में आने से दो अधिकारियों की जान चली गई थी और कई कर्मचारी बीमार हो गए थे।

गोवा के मझगांव में गैस रिसाव हुआ

9 अक्टूबर 2020 को गोवा के मझगांव में कंकोलिम इंडस्ट्रियल एस्टेट में एक मछली प्रोसेसिंग प्लांट की कोल्ड स्टोरेज यूनिट में अमोनिया गैस रिसी थी। इस रिसाव की चपेट में आने से 22 साल के एक वर्कर की मौत हो गई थी, जबकि तीन वर्करों की हालत काफी खराब हो गई थी। वहीं 20-21 अगस्त 2020 को आंध्र प्रदेश के चित्तूर में अमोनिया गैस रिसाव की घटना हुई. कम से कम 14 लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आई जब पुटलापट्टू मंडल के बांदापल्ली में स्थित एक दूध डेयरी यूनिट में गैर रिसाव हुआ।

राजस्थान में अमोनिया गैस का रिसाव

27 अगस्त 2020 को राजस्थान के कोटा-बूंदी मार्ग के गोविंदपुर बावड़ी में एक कोल्ड में वॉल लीकेज होने से जहरीली गैस अमोनिया का रिसाव होने पर लोगों में भगदड़ मच गई। कोटा नगर निगम की फायर टीम ने अंदर जाकर वॉल को बन्द किया और गैस रिसाव बंद हुआ।

बाराबंकी में कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस का रिसाव

19 मई 2020 को बाराबंकी में कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस के सिलिंडर का वाल्व ढीला होने से गैस का रिसाव होने लगा। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। फतेहपुर पुलिस और दमकल टीम ने आक्सीजन मास्क के साथ रेस्क्यू कर रिसाव को बंद किया गया। मौके से सभी मजदूर बाहर निकल आए जिसकी वजह से कोई हताहत नहीं हुआ। कोई बड़ा हादसा होने से बच गया।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में हादसा

19 फरवरी 2020 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक कोल्ड स्टोरेज प्लांट से अमोनिया गैस का रिसाव होने से 50 लोगों के बेहोश होने सहित कम से कम 100 लोग प्रभावित हुए। 23 मार्च 2021 को बाराबंकी में हाईवे पर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव होने से हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस व फायर कर्मियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस पर काबू पाया।

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