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Mamata-Modi Ki Meeting: तल्ख रिश्तों के बीच पीएम मोदी से ममता की मुलाकात आज, मीटिंग से पहले पेगासस पर उठाया बड़ा कदम

Mamata Banerjee Meets Narendra Modi Today: ममता का दिल्ली दौरा सियासी नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShivaniPublished By Shivani

Published on 27 July 2021 4:26 AM GMT

Mamata Banerjee Meets Narendra Modi Today
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ममता-मोदी की मुलाकात (File Photo)

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Mamata Banerjee Meets Narendra Modi: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) में भाजपा को पटखनी देने के बाद मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) अपने पहले दिल्ली दौरे पर पहुंच गई हैं। ममता का यह दिल्ली दौरा सियासी नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और विपक्ष के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। मंगलवार को ममता का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम पीएम मोदी से मुलाकात (Mamata Modi Ki Mulakat) का है। विधानसभा चुनाव में एक म-दूसरे पर तीखे हमलों के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात होगी।

अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान ममता की विपक्ष के नेताओं के साथ बड़ी बैठक करने की भी तैयारी है। ममता की यह बैठक भी काफी अहम मानी जा रही है। सियासी जानकारों का मानना है कि ममता 2024 की जंग के लिए अभी से ही जमीन तैयार करने की कोशिश में जुट गई हैं। वे इस चुनाव में विपक्ष का बड़ा मोर्चा बनाना चाहती हैं। ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस उन्हें 2024 में मोदी के खिलाफ चेहरा बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।

पेगासस कांड की जांच के लिए आयोग का गठन (Pegasus inquiry commission)

ममता सियासत की माहिर खिलाड़ी हैं और वह पेगासस जासूसी कांड पर बड़ा सियासी दांव खेलने के बाद दिल्ली पहुंची हैं। दरअसल ममता ने इस जासूसी कांड को लेकर एक आयोग का गठन किया है। यह आयोग सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एम बी लोकुर और कोलकाता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस ज्योतिर्मयी भट्टाचार्य की अगुवाई में बनाया गया है।

ममता का कहना है कि यह आयोग फोन टैपिंग और हैकिंग के मामलों की जांच करेगा उन्होंने कहा कि पेगासस जासूसी कांड एक गंभीर मामला है मगर केंद्र सरकार इस मामले की जांच में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इसी कारण हम इस मामले में आयोग का गठन करने के लिए मजबूर हुए हैं। ममता ने कहा कि देश में अपनी तरह का यह पहला जांच कमीशन है जो पेगासस कांड से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगा।

बंगाल से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा

अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान ममता आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम बंगाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव के दौरान ममता ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा हमला बोला था। चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद भी वे लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रवैया अपनाए हुए हैं। दूसरी ओर मोदी और शाह की जोड़ी ने भी चुनाव के दौरान ममता को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। चुनावी नतीजों के बाद ममता पहली बार दिल्ली दौरे पर पहुंची हैं और इस दौरान पीएम मोदी से होने वाली उनकी मुलाकात पर हर किसी की नजर लगी हुई है।
ममता ने दिल्ली रवाना होने से पूर्व ही यह स्पष्ट कर दिया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें पीएम मोदी से मिलने का समय दिया गया है। पीएम मोदी के अलावा ममता का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है। मंगलवार को ममता मोदी के अलावा कांग्रेस नेताओं कमलनाथ, आनंद शर्मा और अभिषेक मनु सिंघवी से भी मुलाकात करेंगी।

विपक्ष का मोर्चा बनाने की तैयारी

ममता की दिल्ली यात्रा के दौरान उनका सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम विपक्ष के नेताओं के साथ उनकी मुलाकात को माना जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि टीएमसी की ओर से ममता को 2024 की जंग में पीएम मोदी के खिलाफ चेहरा बनाने की तैयारी की जा रही है। ममता भी अब पश्चिम बंगाल से बाहर अन्य राज्यों में सत्रिय होने की कोशिश में जुटी हुई हैं। पिछले दिनों ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी इस बात का इशारा किया था कि अब तृणमूल कांग्रेस का विस्तार पश्चिम बंगाल से बाहर अन्य राज्यों में भी किया जाएगा।

शहीद दिवस पर 21 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में भी ममता ने विपक्ष का मोर्चा बनाने का संकेत किया था। तृणमूल कांग्रेस की ओर से शहीद दिवस के कार्यक्रम के सिलसिले में कांस्टीट्यूशन क्लब में एक बड़ा आयोजन किया गया था। इस आयोजन में एनसीपी के मुखिया शरद पवार, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पी चिदंबरम, राजद नेता मनोज झा और सपा नेता रामगोपाल यादव ने भी हिस्सा लिया था।
ममता ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष के नेताओं से एकजुटता दिखाने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो वे जाड़े के दिनों में कोलकाता के परेड ब्रिगेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगी जिसमें सभी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।

भाजपा ने ममता सरकार को घेरा

इस बीच पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर केंद्रीय संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी धन की भीख मांगने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पैसे का दुरुपयोग किए जाने के कारण बंगाल सरकार दिवालिया हो चुकी है। राज्य वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। इसी कारण ममता दिल्ली जाकर पीएम मोदी से गुहार लगाने का फैसला किया है।
घोष की इस टिप्पणी पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। पार्टी का कहना है कि घोष को संघीय व्यवस्था की जानकारी होनी चाहिए। इसके तहत किसी भी राज्य का प्रमुख प्रधानमंत्री से मिल सकता है। प्रधानमंत्री से ममता की मुलाकात को लेकर सियासत नहीं की जानी चाहिए।
Shivani

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