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Pegasus In India: पेगासस पर सरकार का रुख, विपक्ष के तेवर, जानिए जासूसी कांड में अब तक क्या हुआ

Pegasus In India : पेगासस जासूसी कांड ने विपक्ष के हाथ में बड़ा हथियार दे दिया है और विपक्ष इस हथियार के जरिए सरकार पर हमले का कोई मौका नहीं चूकना चाहता।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShivaniPublished By Shivani

Published on 29 July 2021 4:25 AM GMT

Pegasus In India
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पेगासस पर विपक्ष ने सरकार को घेरा (Design Image)

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Pegasus In India : पेगासस जासूसी कांड (Jasoosi Case) पर विपक्षी दलों की गोलबंदी से इस सप्ताह भी संसद (Parliament) का चलना मुश्किल नजर आ रहा है। गतिरोध समाप्त करने की सरकार की पहल अभी तक नाकाम साबित हुई है। बुधवार को इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में दिन भर हंगामा होता रहा और पांच बार कार्यवाही स्थगित करने के बाद आखिरकार सदन को गुरुवार की सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

उधर राज्यसभा में भी विपक्ष ने पेगासस के मुद्दे पर तीखे तेवर दिखाए और विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार सदन में हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी गुरुवार की सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पेगासस जासूसी कांड, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरह एकजुट हो गया है। 14 विपक्षी दलों (14 Opposition Parties Meeting) ने अपनी अहम बैठक के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी कहा कि हम इन महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और सरकार को इस बाबत स्पष्ट जवाब देना होगा। विपक्ष के तेवर को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार के लिए मानसून सत्र के दौरान संसद को चलाना अब आसान साबित नहीं होगा।

विपक्ष को मिला बड़ा हथियार

दरअसल पेगासस जासूसी कांड ने विपक्ष के हाथ में बड़ा हथियार दे दिया है और विपक्ष इस हथियार के जरिए सरकार पर हमले का कोई मौका नहीं चूकना चाहता। यही कारण है कि विपक्ष ने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए सरकार की घेरेबंदी कर रखी है। अभी तक इस मुद्दे पर गतिरोध समाप्त करने की सरकार की हर पहल नाकाम साबित होती दिख रही है।


संसद सत्र के पहले हफ्ते में राज्यसभा में सिर्फ 4 घंटे कामकाज हो हो सका तो दूसरी और लोकसभा में पूरा हफ्ता पेगासस को लेकर हुए हंगामे की भेंट चढ़ गया। अब 14 विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए हाथ मिला लिया है। ऐसे में संसद का चलना काफी मुश्किल माना जा रहा है।

सरकार को घेरने की विपक्ष की रणनीति

सदन के बाहर हुई 14 विपक्षी दलों की बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई है। विपक्षी दलों के इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के अलावा डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, इंडियन मुस्लिम लीग, नेशनल कॉन्फ्रेंस, राष्ट्रीय समाज पार्टी, केरल कांग्रेस आदि दलों के नेता मौजूद थे।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पेगासस जासूसी कांड, महंगाई और नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की नाराजगी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर विपक्ष पूरी तरह एकजुट है और सरकार देश के सामने मौजूद इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती।

राहुल गांधी के बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार को बचने का कोई रास्ता नहीं देना चाहता। विपक्ष के तेवर को देखते हुए माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान इन मुद्दों को लेकर हंगामा जल्द थमने के कोई आसार नहीं हैं।

विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप

दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री के अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से कई बार यह बात कही जा चुकी है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सच्चाई तो यह है कि विपक्ष हंगामा करके महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने से भागने की कोशिश कर रहा है। ठाकुर ने कहा कि खासतौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सांसद संसद की कार्यवाही को बाधित करने में सबसे ज्यादा आगे हैं।


उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध जताने का लोकतांत्रिक अधिकार है मगर हर चीज की एक सीमा होती है और विपक्षी सांसदों को भी इस बात का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने स्पीकर, मंत्रियों और मीडिया गैलरी में विपक्ष की ओर से पर्चे उछाले जाने की तीखी निंदा करते हुए कहा कि इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।

दस सांसदों पर निलंबन की तलवार लटकी

इस बीच जानकार सूत्रों का कहना है कि स्पीकर पर पर्ची उछालने और सदन में असम्मानजनक व्यवहार करने को गंभीरता से लिया गया है और इस मामले में 10 लोकसभा सांसदों पर निलंबन की तलवार लटक गई है। सत्ता पक्ष की ओर से गुरुवार को इन सांसदों को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सरकार इस कार्यवाही के जरिए हंगामा करने वाले विपक्षी सांसदों को एक संदेश भी देना चाहती है। जिन सांसदों को लोकसभा से निलंबित करने की तैयारी है उनमें रवनीत सिंह बिट्टू, गुरजीत सिंह औजला, मणिकम टैगोर, टी एन प्रथापन और हाबी इडेन के नाम शामिल हैं।

Shivani

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