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PM Modi: वंशवाद पर मोदी का प्रहार, मेरे कारण भाजपा नेताओं के पुत्रों को नहीं दिया गया चुनाव में टिकट

PM Modi: बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने परिवारवाद पर जमकर हमला बोला।

Krishna Chaudhary
Updated on: 15 March 2022 10:26 AM GMT
PM Modi: Because of me, sons of all BJP leaders did not get tickets, said PM Modi in the Parliamentary Party meeting
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संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: Photo - Social Media

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New Delhi: चार राज्यों की विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2022) में मिली बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) राजनीति में परिवारवाद के खिलाफ और मुखर हो गए हैं। मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में उन्होंने परिवारवाद पर जमकर हमला बोला। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भाजपा (BJP) नेताओं की और मुखातिब होते हुए कहा कि अगर हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव में आपके बच्चों के टिकट कटें हैं तो इसकी वजह मैं हूं। मेरा मानना है कि वंशवाद (dynasty) लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा डेंजर है।

दरअसल, चार राज्यों में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) को मिली भारी जीत ने मिशन 2024 को लेकर बीजेपी के जोश को काफी बढ़ा दिया है। नई दिल्ली में आज बुलाई गई बीजेपी संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने इस शानदार जीत के लिए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का जोरदार अभिनंदन भी किया।

परिवारवाद पर भड़के पीएम

चुनावी सभाओं में अक्सर परिवारवाद को लेकर अपने सियासी प्रतिदवंदियों पर हमलावर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बीजेपी नेताओं की बैठक में भी इसपर जोरदार निशान साधा। इस दौरान उन्होंने भाजपा सांसदों को कड़ें लहजे में कहा कि पार्टी में पारिवारिक राजनीति की इजाजत नहीं दी जाएगी। दूसरी पार्टियों की वंशवाद की राजनीति के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। पीएम ने जाति आधारित क्षेत्रीय दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि परिवारवाद से जातिवाद बढ़ता है। इसलिए पारिवारवादी राजनीति खत्म करने तक हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी।

बीजेपी में परिवारवाद की जड़ें

पीएम ने कहा कि पार्टी के भी कई सांसदों के बच्चों को टिकट नहीं दिया गया अगर उनको टिकट नहीं देना पाप है तो हां मैंने ये पाप किया है और इसकी जिम्मादारी मैं लेते हूं। क्योंकि ये भी परिवारवादी राजनीति में ही आता है और हमें इसे ख़त्म करना है। दरअसल, बीजेपी में भी धीरे–धीरे परिवारवाद अपनीं जड़ें जमा रहा है। वर्तमान में देश के संसद औऱ विधानसभाओं में कई नेता पुत्र एवं पुत्री बतौर बीजेपी के जनप्रतिनिधि इन सदनों में उपस्थित है। जो परिवारवाद के खिलाफ बोलने वाली बीजेपी के दावों की हवा निकाल देता है।

अपने बच्चों को सियासत में सेट करने की फिराक में लगे नेता

इसके अलावा हालिया विधानसभा चुनाव में भी कई दिग्गज बीजेपी चेहरों ने अपने बच्चों के टिकट के लिए जबरदस्त प्रेशर बीजेपी आलाकमान पर बनाया था। इनमें प्रयागराज से बीजेपी सांसद रीता बहुगुना जोशी के बेटे मयंक जोशी और उत्तराखंड के हरक सिंह रावत शामिल हैं। मयंक जोशी जहां बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के कारण आखिरी वक्त में सपा में शामिल हो गए, वहीं हरक सिंह रावत भी अपनी बहू के लिए टिकट देने से इनकार करने पर बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। माना जा रहा है कि पीएम मोदी का संसदीय दल में परिवारवाद के खिलाफ कड़ा स्टैंड ऐसे नेताओं को एक इशारा है जो अपने बच्चों को सियासत में सेट करने की फिराक में लगे हुए हैं।

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