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AKTU से संबंद्ध कॉलेजों की हालत खस्ता, एडमिशनों में आई भारी गिरावट

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Published on 7 Jun 2016 10:24 AM GMT

AKTU से संबंद्ध कॉलेजों की हालत खस्ता, एडमिशनों में आई भारी गिरावट
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लखनऊ: अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से संबंद्ध कॉलेजों की लगातार हालत खस्ता होती जा रही है। सीटें खाली रहने के कारण खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

एडमिशन में आई कमी

-यूपी के 37 कॉलेजों ने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के कोर्स सरेंडर करने के लिए अर्जी दी है, जबकि 12 कॉलेजों ने सीटें कम करने के लिए आवेदन किया है।

-यूनिवर्सिटी की ओर से इन अर्जियों पर विचार करना शुरू कर दिया है और जल्द ही उनको शासन के पास भेज दिया जाएगा।

-दरअसल, एकेटीयू से संबंद्ध करीब 120 कॉलेज हैं और उनमें करीब 80 हजार सीटें हैं।

-लेकिन पिछले 3 साल से लगातार कॉलेजों में बीटेक, एमबीए और एमसीए समेत कई अन्य कोर्सों में सीटें आधी भी नहीं भर पा रही हैं।

-इतना ही नहीं कुछ कॉलेज तो ऐसे हैं जिनमें कई 100 सीटें होने के बावजूद 30 से 40 स्टूडेंट्स ही एडमिशन ले पाते थे।

खर्चे निकालना मुश्किल

-ऐसे में कॉलेज, शिक्षक और लैब और अन्य खर्चों को भी नहीं निकाल पा रहे।

-इसी के साथ-साथ कॉलेजों के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट भी अच्छा नहीं मिल पा रहा था। इससे कॉलेजों की हालत और भी ज्यादा खराब हो रही है।

-यूपीएसईई एग्जाम में भी स्टूडेंट्स की संख्या पिछले 3 साल से लगातार कमी हो रही थी। इस साल घटकर करीब एक लाख 90 हजार ही रह गई।

-गौतमबुद्धनगर की ओर से 6 कॉलेज पहले ही कोर्स समाप्त करने के लिए आवेदन कर चुके।

-अब कुछ और कॉलेजों ने सीट कम करने के लिए आवेदन किया है।

एकेटीयू के कुलपति का क्या कहना है ?

वहीं एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक का कहना है कि कुछ कॉलेजों ने कोर्स सरेंडर के लिए आवेदन दिए और उन पर विचार चल रहा है। जबकि कुछ कॉलेजों ने सीटें कम करने के लिए आवेदन किए। इन पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस बार काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है जिससे कॉलेजों में दाखिले की समस्या नहीं होगी।

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