×

AICTE ने किए पुराने नियमों में बदलाव, अगले साल से होगा इंजीनियरिंग के लिए सिंगल एंट्रेंस टेस्ट

ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने अपने पुराने नियम में कुछ बदलाव किए है। जिसमें बदलाव करते हुए यह फैसला लिया है कि पूरे देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अगले साल से एडमिशन के लिए अब सिर्फ एक ही एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन होगा।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 15 March 2017 10:18 AM GMT

AICTE ने किए पुराने नियमों में बदलाव, अगले साल से होगा इंजीनियरिंग के लिए सिंगल एंट्रेंस टेस्ट
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली : ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने अपने पुराने नियम में कुछ बदलाव किए है। जिसमें बदलाव करते हुए यह फैसला लिया है कि पूरे देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अगले साल से एडमिशन के लिए अब सिर्फ सिंगल एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन होगा।

एआईसीटीई ने दिए ये निर्देश

-एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्देश दिया है।

-इस निर्देश के अनुसार स्टूडेंट्स के लिए शुरूआती दिनों में इंडक्शन कोर्स जरूर पढ़ाए जाएं।

-हर साल कर्रिकुलम को भी समय के हिसाब से अपडेट करते रहें।

-इसके साथ ही ये भी पता चला है कि इस नए पैकेज को लागू करने में 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

-एआईसीटीई एक्ट के मुताबिक नियमावली जारी कर दी गई है।

- जिससे सभी राज्यों को भी यह नियम मानना होगा नहीं तो उनसे एआईसीटीई का अप्रूवल छीन लिया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए आगे की स्लाइड्स में देखें...

ताकि बढ़ सके इंजीनियरिंग का स्तर

-सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को एआईसीटीई ने देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए एक पूरा नया पैकेज तैयार किया है।

-जिससे इंजीनियरिंग के गिरते स्तर को ऊपर लाया जा सके।

-एआईसीटीई जो देशभर के इंजीनियरिंग और दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेस के संचालन के पैमाने तय करता है।

नीट की तरह होगा ये टेस्ट

-एआईसीटीई के एक अधिकारी के मुताबिक, 'इंजीनियरिंग और साथ ही आर्किटेक्चर के विभिन्न कोर्स में एडमिशन के लिए लिया जाने वाला नेशनल एलिजिबिलटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तरह होगा।

-इसमें कई मेडिकल से लेकर डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए एक एग्जाम का रिजल्ट मान्य होता है।

-साल 2016 से ही NEET के पैटर्न को लागू किया गया है।

आगे की स्लाइड्स में जानें छात्रों को कैसे मिलेगी राहत...

छात्रों को मिलेगी राहत

-आपको बता दें कि अभी फिलहाल देशभर में कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए अलग-अलग टेस्ट लिए जाते थे।

-इससे पहले IIT और NIT में एडमिशन के लिए अलग और इसके अलावा विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग टेस्ट लिए जाते थे।

-इससे छात्रों को भी अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम में भाग लेने के लिए कई फॉर्म भरने होते थे।

-अब स्टूडेंट्स को बार-बार फार्म भरने से छूटकारा मिल सकता हैं।

एडमिशन में ये होगा अंतर

आईआईटी और दूसरे अन्य सभी कॉलेजों में एडमिशन लेने के बीच ये अंतर होगा कि जिन छात्रों को केवल IIT में एडमिशन लेना है, उन्हें अलग से एक एडवांस परीक्षा को भी पास करना होगा।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

Next Story