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AKTU के स्‍टूडेंटस करेंगे रियल टाइम ग्राउंड रिसर्च, REPL से किया MoU साइन

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amanBy aman

Published on 4 Nov 2016 1:21 PM GMT

AKTU के स्‍टूडेंटस करेंगे रियल टाइम ग्राउंड रिसर्च, REPL से किया MoU साइन
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लखनऊ: डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के स्टूडेंट्स को अब रियल टाइम सिचुएशन में रिसर्च करने का मौका मिलेगा। इसके पहले फेज में आईईटी में एक हाईटेक रिसर्च चेयर का इस्‍टैब्लिशमेंट होनेे जा रहा है। इसके लिए एकेटीयू ने रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्राइवेट (आरईपीएल) लिमिटेड से शुक्रवार को एक एमआेयू साइन किया है।

जानिए क्‍या है इस एमओयू की खासियत...

आईईटी के एल्‍यूमिनाई इस्‍टैब्लिश कर रहे रिसर्च चेयर, 2 करोड़़ तक होगा खर्च

-एकेटीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बताया कि आईईटी के 1991 के बीटेक पासआउट स्‍टूडेंट यूनिवर्सिटी एफिलिएटेड आईईटी में एक रिसर्च चेयर इस्‍टैब्लिश करने जा रहे हैं।

-आईईटी के एल्‍यूमिनाई प्रदीप मिश्रा ने 1991 में यहीं से बीटेक किया था।

-इसके बाद उन्‍होंने अपनी कंपनी 'आरईपीएल' स्‍थापित की।

-इसके अंतर्गत उन्‍होंने सिविल और आर्किटेक्‍ट इंजीनियरिंग से जुड़े कई नेशनल और इंटरनेशनल प्रोजेक्‍टस में बतौर कंसलटेंट की भूमिका निभाई।

-यह गुरुदक्षिणा के तौर पर कंपनी के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती साल में आईईटी में एक हाईटेक रिसर्च चेयर इस्‍टैब्लिश कर रहे हैं।

-उन्‍होंने बताया, यह पहली बार है जब स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी में चेयर प्रोफ़ेसर की नियुक्ति के लिए इंडस्ट्री के साथ कार्य किया जा रहा है।

-नवम्बर, 2016 में ही आईईटी लखनऊ के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में चेयर प्रोफ़ेसर की नियुक्ति कर दी जाएगी।

-इसका पूरा खर्च आरईपीएल उठाएगा, जो शुरुआत में 30 लाख रुपए से शुरू होकर 2 करोड़ रुपए तक जाएगा।

आगे पढ़ें आरईपीएल बांटेगा अवार्डस भी ...

आरईपीएल हर साल देगा 3 इंजीनियरिंग अवार्डस

-आरईपीएल के सीएमडी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि चेयर प्रोफ़ेसर का पूरा खर्च आरईपीएल उठाएगा|

-चेयर प्रोफ़ेसर की नियुक्ति से सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को इंडस्ट्री की रियल टाइम प्रोब्लम्स सोल्व करने को मिलेंगी।

-इससे एकेडमिक्‍स और इंडस्ट्री दोनों को फायदा होगा।

-उन्होंने कहा कि आरईपीएल हर साल 3 अवार्ड्स यूनिवर्सिटी के एफिलिएटेड संस्थानों के छात्रों को प्रदान करेगा।

-इसमें एक अवार्ड आईईटी के लिए, जबकि दो अवार्ड यूनिवर्सिटी एफिलिएटेड अन्य संस्थानों के छात्रों के लिए रहेंगे।

-इन दो अवार्डों में प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपए बतौर प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाएंगे।

स्‍मार्ट मैटेरियल पर रहेगा फोकस

- आईईटी के डायरेक्‍टर प्रोफेसर एएस विदयार्थी ने बताया कि इस रिसर्च चेयर के लिए प्रोफेसर की नियुक्ति जल्‍द कर ली जाएगी।

-इसमें रिसर्च के टॉपिक्स को लेकर मंथन जारी है।

-हमारा पूरा फोकस स्‍मार्ट मैटेरियल की रिसर्च पर होगा, यानि ऐसे मैटेरियल की शोध पर फोकस होगा जो कम लागत में ज्‍यादा सस्‍टेनेबल हो।

स्‍टूडेंटस विजिट करेंगे लाइव प्रोजेक्‍टस

-आरईपीएल के सीएमडी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि हम स्‍टूडेंंटस को इंडस्‍ट्री मेंं यूज होने वाले हाईटेक साफटवेयर्स पर काम करवाएंगे।

-इनमें आटोकैड से ज्‍यादा अपग्रेडेड साफटवेयर रेवेट समेत आधा दर्जन साफटवेेयर शामिल हैं।

-स्‍टूडेंटस को लाइव प्रोजेक्‍टस पर वर्कआउट करवाया जाएगा, जिससे वो अपनी शोध को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें।

-इस एक्‍सपोजर से स्‍टूडेंटस को रियल टाइम प्रोजेक्‍टस की दिक्‍कतों से रूबरू होने का मौका मिलेगा और वह एक अच्‍छी शोध कर सकेंगे।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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