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AKTU: परीक्षा समिति की बैठक में कई फैसले, मेडल और डिग्री पाने वालों के नाम तय

अब प्रैक्टिकल की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र बनेंगे, प्रैक्टिकल के लिए सेल्फ सेंटर्स की प्रथा समाप्त होगी। विवि से सम्बद्ध संस्थानों में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है।सूचना थी कि संस्थानों में लैब पर विधिवत ध्यान इसलिए नहीं दिया जा रहा है।

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zafarBy zafar

Published on 6 Jan 2017 2:34 PM GMT

AKTU: परीक्षा समिति की बैठक में कई फैसले, मेडल और डिग्री पाने वालों के नाम तय
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लखनऊ: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की 58 वीं बैठक आयोजित की गयी| बैठक के दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा समिति ने कई अहम फैसले लिये। इनमें प्रैक्टिकल के लिये सेल्फ सेंटर खत्म करने का निर्णय भी शामिल है।

दीक्षांत समारोह

-14 वें दीक्षान्त समारोह में डिग्री पाने वालों की संख्या इस तरह है-

बीटेक (B.Tech)-50436

बीफार्म (B.Pharm)-1769

बीएचएमसीटी (BHMCT)-101

बीआर्क (B.Arch)-154

बीफेड (BFAD)-16

एमबीए (MBA)-7745

एमसीए (MCA)-2643

एमटेक (M.Tech)-352

एमफार्म (M.Pharm)-142

एमआर्क (M.Arch)-02

पीएचडी (Ph.D)-47

मेडल

-एमसीए में नेहा भाटिया रोल नंबर 1309714034 को गोल्ड मेडल, शिल्पी शर्मा रोल नंबर 1316414040 को सिल्वर मेडल एवं कार्तिकी त्रिपाठी रोल नंबर 1302914042 को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया जाएगा।

-M.C.A. में प्रियंका शर्मा रोल न. 1411414923 को भी गोल्ड मेडल दिया जायेगा। बराबर अंक होने के कारण दो विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिया जायेगा।

-चांसलर्स गोल्ड मेडल आयुषी अगरवाल रोल नं. 1202713031 एकेजी इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद को मिलेगा।

-परीक्षा समिति ने इस बार फिर यह निर्णय लिया है कि सत्रांत परीक्षाओं के प्रवेश पत्र स्टूडेंट लॉगइन में ही डाले जाएंगे।

-एमसीए ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में पंजीकृत छात्र-छात्राएं जिनके 3 वर्ष पूर्ण हो गए हैं ऐसे छात्र-छात्राओं को बीसीए की डिग्री प्रदान की जाएगी।

सेल्फ सेंटर खत्म

-अब प्रैक्टिकल की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र बनेंगे, प्रैक्टिकल के लिए सेल्फ सेंटर्स की प्रथा समाप्त होगी।

-विवि से सम्बद्ध संस्थानों में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है।

-विवि प्रशासन के पास सूचना थी कि संस्थानों में लैब पर विधिवत ध्यान इसलिए नहीं दिया जा रहा है क्योंकि प्रायोगिक परीक्षाए संस्थान में ही सम्पादित करवाई जा रही हैं।

तय समय में मूल्यांकन

-चैलेंज मूल्यांकन के लिय परीक्षा समिति एक समय सारणी तैयार करेगी और इस समय सारणी में तय की गई समय सीमा में चैलेंज मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

-अब बोर्ड ऑफ़ स्टडी (BOS) में परीक्षा नियंत्रक का नॉमिनी भी सदस्य होगा।

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