×

NEET 2017: गाइडलाइंस जारी, अब छात्र किसी भी तरीके से नहीं कर सकेंगे नकल

शनल एलिजिबिलटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जरूरी गाइडलाइंस जारी की है। इसमें परीक्षा केंद्र में पेन और पेंसिल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा एक स्पेशल ड्रेस कोड जारी की गई है। यह परीक्षा 7 मई को होने वाली है। यह फैसला परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स गलत तरीके का इस्तेमाल कर नकल न कर सके। इस आशंका के चलते बोर्ड ने यह फैसला लिया है।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 4 May 2017 9:17 AM GMT

NEET 2017: गाइडलाइंस जारी, अब छात्र किसी भी तरीके से नहीं कर सकेंगे नकल
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली : नेशनल एलिजिबिलटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जरूरी गाइडलाइंस जारी की है। इसमें परीक्षा केंद्र में पेन और पेंसिल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा एक स्पेशल ड्रेस कोड जारी की गई है। यह परीक्षा 7 मई को होने वाली है। यह फैसला परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स गलत तरीके का इस्तेमाल कर नकल न कर सके। इस आशंका के चलते बोर्ड ने यह फैसला लिया है।

परीक्षार्थियों को एग्जामिनेशन हाल में कैंडिडेट्स के किसी भी तरह की स्टेशनरी का सामान ले जाने पर पाबंदी है। सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक परीक्षार्थियों को पेन या पेंसिल लाने की जरूरत नहीं है। जब कैंडिडेट्स परीक्षा केंद्र पहुंच जाएंगे तो उन्हें बोर्ड की ओर से पेन उपलब्ध कराई जाएगी।

स्पेशल ड्रेस कोड जारी

परीक्षार्थियों को यह गाइडलाइंस फॉलो करना अनिवार्य है, ताकि कैंडिडेट्स किसी भी कपड़े का इस्तेमाल कर नकल न कर सके। इसके अलावा छात्रों को कुर्ता पैजामा और जूता पहनना से मना किया गया है। गाइडलाइंस के मुताबिक छात्रों को स्पेशनल ड्रेस कोड में लाइट कलर की जींस, ट्राउजर और हाफ स्लीव की शर्ट के साथ सैंडल या चप्पल पहन सकते हैं। वहींं छात्राओं को कपड़ों में बड़े बटन लगाना, ब्रोच और हाई हील के जूते पहनना वर्जित है।

ये सभी गाइडलाइंस जुलाई 2015 से अस्तित्व में आए जब सुप्रीम कोर्ट ने अनियमितताओं की शिकायत के बाद CBSE से ऑल इंडिया प्री मेडिकल डेंटल टेस्ट को दोबारा करवाने का निर्देश दिया था। इसके बाद हरियाणा की ओर से कराए गए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन में बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पेपर लीक के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था।

क्या कहना है नीट के डॉयरेक्टर का?

NEET के डॉयरेक्टर संयम भारद्वाज का कहना है कि' ये गाइडलाइंस सिर्फ नीट के लिए नहीं बल्कि हर परीक्षा के लिए तभी से फॉलो की जा रही हैं। नीट के अलावा इंजिनियरिंग कोर्सेज के लिए जेईई (मेंस), आईआईटी के लिए जेईई एडवांस के टेस्ट और लोक संघ सेवा आयोग (UPSC) और रेलवे बोर्ड भी इसी तरह के प्रोटोकॉल को अपने यहां होने वाली परीक्षाओं में भी लागू करते हैं।'

पहले ही पता करें एग्जाम सेंटर का लोकेशन

नीट 2017 परीक्षा के लिए 11 लाख से भी अधिक परिक्षार्थी ने रजिस्टर किया है। भारद्वाज ने कहा कि 'सभी एग्जाम सेंटर्स की घड़ियां सीबीएसई की वेबसाइट के टाइम से मिली हुई होंगी। हालांकि कैंडिडेट्स को एग्जाम हॉल में घड़ी लाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद उन्हें CBSE की टाइमिंग को फॉलो करना होगा।' इसके अलावा कैंडिडेंट्स को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पहले (शनिवार 6 मई) को ही अपने एग्जाम सेंटर पर जाकर इलाके के ट्रैफिक, रूट इन सारी चीजों का पता पहले ही कर लें।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

Next Story