Top

INI CET Exam 2021: 1 महीने के लिए टाली गई परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने महामारी में डॉक्टरों को दी राहत

INI CET Exam 2021: आईएनआईसीईटी(INI CET Exam 2021) को लेकर बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून को होने वाली आईएनआई सीईटी परीक्षा को एक महीने के टालने का आदेश दिया है।

Network

NetworkNewstrack NetworkVidushi MishraPublished By Vidushi Mishra

Published on 12 Jun 2021 2:34 AM GMT

UP BED Exam
X

किसी कार्यक्रम के दौरान छात्र (फोटो- सोशल मीडिया)

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

INI CET Exam 2021: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा होने वाली आईएनआईसीईटी(INI CET Exam 2021) को लेकर बड़ी खबर है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून को होने वाली आईएनआई सीईटी परीक्षा को एक महीने के टालने का आदेश दिया है। महामारी कोरोना वायरस(Coronavirus) को देखते हुए शीर्ष अदालत ने यह निर्णय लिया है।

इस बारे में जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा 16 जून को आईएनआई सीईटी परीक्षा आयोजित करने के फैसले को एकपक्षीय करार दिया है। वहीं पीठ ने परीक्षा को स्थगित करते हुए एम्स को एक महीने के बाद किसी भी तारीख को आयोजित करने की मंजूरी दे दी है।

परीक्षा को लेकर सुनवाई की शुरुआत में एम्स की तरफ से वकील दुष्यन्त पराशर ने परीक्षा को स्थगित करने वाली याचिकाओं का विरोध किया। इस पर वकील ने कहा है कि यह परीक्षा को आयोजित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी पूरी हो गई है।

इसके साथ ही वकील पराशर ने उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें ये भी कहा गया था कि परीक्षाएं चलती रहनी चाहिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एम्स (AIIMS) की दलीलों को न मानते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया हमारा मानना है कि आईएनआई सीईटी परीक्षा, 2021 को कम से कम एक महीने के लिए स्थगित किया जाना चाहिए।

आगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह जरूर है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति में काफी सुधार है, लेकिन देश के कई हिस्सों में स्थिति अब भी खराब है।

वहीं सुनवाई की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत इस तरह की याचिकाओं पर कैसे विचार किया जा सकता है। परीक्षा आयोजित करने का मामला नीतिगत होता है, ऐसे में हमारी ओर से कैसे दखल दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि ढाई दर्जन डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा 16 जून को आयोजित होने वाली आईएनआई सीईटी परीक्षा, 2021 को स्थगित करने की गुहार लगाई थी। बता दें, यह परीक्षा चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में उच्च स्तरीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।

पीएमओ से मिले आश्वासन की अवहेलना

दो अलग-अलग याचिकाओं में कहा गया था कि 16 जून को परीक्षा आयोजित करना, प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा नीट (पीजी) परीक्षा, 2021 को चार महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लेते वक्त पीजी परीक्षाओं को स्थगित करने के संबंध में दिए गए आश्वासन की घोर अवहेलना है। पीएमओ की ओर से यह भी कहा गया कि उक्त परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को कम से कम एक महीने का समय दिया जाएगा।

अदालत में ये दलीलें बनीं आधार

याचिका में कहा गया था कि इस मामले में केवल 19 दिन की पूर्व सूचना दी गई है। याचिकाकर्ता डॉक्टरों का कहना था कि कोरोना काल में वे फ्रंट लाइन वर्कर्स की तरह काम कर रहे हैं। ऐसे में 19 दिनों की पूर्व नोटिस पर परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं है। इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि परीक्षा केंद्र अलग-अलग राज्यों में हैं या उम्मीदवारों के काम करने की जगह से दूर हैं। कोविड-19 को लेकर पाबंदियों की वजह से परीक्षा के लिए बाहर जाने में परेशानी आ सकती है।

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

Next Story