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New Education Policy Rule: मोदी सरकार का प्लान, देश में अब नहीं खुलेंगे नए बीएड कॉलेज, शुरू होगा 4 वर्ष का आईटीईपी प्रोग्राम

New Education Policy Rule: न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत अध्यापकों की ट्रेनिंग के लिए 4 साल का इंटीग्रटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) शुरू होगा। यह वर्तमान समय में चल रहे टीचर्स ट्रेनिंग के पाठ्यक्रमों की जगह लेगा।

Durgesh Sharma
Written By Durgesh Sharma
Updated on: 23 Aug 2022 8:53 AM GMT
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New Education Policy Rule (Social Media)

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New Education Policy Rule: देश में अब नए बीएड कॉलेज नहीं खुलेंगे। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत अध्यापकों की ट्रेनिंग के लिए 4 साल का इंटीग्रटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) शुरू होगा। यह वर्तमान समय में चल रहे टीचर्स ट्रेनिंग के पाठ्यक्रमों की जगह लेगा। आपको बता दें कि पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग कांउसिल की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा हुई थी। जिसमें राज्यों को निर्देश दिए गए कि नए बीएड कॉलेजों को अब मान्यता न दी जाए।

दरअसल टीचर्स ट्रेनिंग के पाठ्यक्रमों की मान्यता और प्रक्रिया नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) तय करती है। और एनसीटीई की अनुमति के बाद ही राज्य संबंधित संस्थान को संबद्धता प्रदान करता है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत अधिकांश पाठ्यक्रमों को मल्टी एंट्री और एग्जिट पॉंइंट वाले कोर्सज में बदला जा रहा है। इसके तहत शिक्षक के तौर पर कॅरियर बनाने के इच्छुक युवाओं को 4 वर्ष का आईटीपी पाठ्यक्रम चुनना होगा। ऐसा अनुमान है कि वर्ष 2030 तक इसे न्यूनतम योग्यता या अनिवार्य योग्यता के तौर पर भर्तियों में शामिल किया जाएगा।

286 कॉलेजों के आवेदन वापस करेगा एनसीटीई

बैठक में इस बात पर भी निर्णय हुआ कि जब तक नए पाठ्यक्रमों के मानक व प्रक्रिया तय नहीं हो जाती, तब तक किसी भी नए पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए आवेदन नहीं लिए जाएंगे। टीचर्स ट्रेनिंग से जुड़े सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्सेज को भी नई प्रक्रिया तय होने तक मान्यता नहीं दी जाएगी।

वहीं एनसीटीई ने विभिन्न क्षेत्रों से आए 286 कॉलेजों के आवेदन और उसकी फीस लौटाने का फैसला किया है। कुछ कॉलेज जो हाई कोर्ट से अपने पक्ष में आदेश कराकर लाए थे उनके खिलाफ भी एनसीटीई रिव्यू या अपील दाखिल करेगा। हालांकि देश में कुल 6,846 बी.एड कॉलेज मौजूद हैं, जिनमें से 5,300 से अधिक प्राइवेट कॉलेज हैं, और 542 पब्लिक-प्राइवेट कॉलेज हैं। देश में कई कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं जो बी.एड पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।

आपको बता दें कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बी.एड कॉलेज हैं। आज भारत में कई छात्रों के बीच टीचिंग एक प्रमुख करियर विकल्प है। अगर आप किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में टीचर बनना चाहते हैं तो आपके पास बी.एड डिग्री होनी चाहिए। सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण सहित छात्रों के लिए देश में शीर्ष बी.एड संस्थानों द्वारा गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। हालांकि बी.एड पत्राचार के माध्यम से भी किया जा सकता है।


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