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AKTU के छात्रों को घर बैठे मिलेगी डिग्री और माइग्रेशन, मिलेगी ऑनलाइन सुविधा

वहीं, दूसरी ओर एलयू 2 साल से डिग्री और माइग्रेशन ऑनलाइन देने का दावा ही कर रहा है। यूपी के स्टूडेंट्स को डिग्री और माइग्रेशन के लिए आज भी एलयू के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एलयू में एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती हैं, लेकिन डिग्री और माइग्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन केवल दावों तक सीमित है। शैक्षिक सत्र 2014-15 की शुरुआत पर विवि की वेबसाइट का नए सिरे से निर्माण शुरू हुआ था। दावा था कि वेबसाइट बनने के बाद स्टूडेंट्स को डिग्री और प्रोविजिनल के लिए विवि के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 3 Nov 2016 10:19 AM GMT

AKTU के छात्रों को घर बैठे मिलेगी डिग्री और माइग्रेशन, मिलेगी ऑनलाइन सुविधा
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लखनऊ : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल (AKTU) डिग्री और माइग्रेशन के लिए स्टूडेंट्स को कैंपस के चक्कर नहीं काटना होगा। स्टूडेंट्स एकेटीयू की वेबसाइट पर आवेदन करें। फिर डाक के जरिए घर बैठे डिग्री और माइग्रेशन ले सकते हैं।

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एलयू ने किया माइग्रेशन का दावा

-वहीं, दूसरी ओर एलयू 2 साल से डिग्री और माइग्रेशन ऑनलाइन देने का दावा ही कर रहा है।

-यूपी के स्टूडेंट्स को डिग्री और माइग्रेशन के लिए आज भी एलयू के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

-एलयू में एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती हैं, लेकिन डिग्री और माइग्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन केवल दावों तक सीमित है।

-शैक्षिक सत्र 2014-15 की शुरुआत पर विवि की वेबसाइट का नए सिरे से निर्माण शुरू हुआ था।

- विवि का दावा था कि वेबसाइट बनने के बाद स्टूडेंट्स को डिग्री और प्रोविजिनल के लिए चक्कर नहीं काटनी पड़ेंगी।

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-वेबसाइट के जरिए स्टूडेंट्स कहीं से भी डिग्री आदि के लिए आवेदन कर सकेंगे।

-यूनिवर्सिटी डिग्री तैयार कर डाक से भेज देगा।

-आवेदन के समय ऑनलाइन फीस भुगतान की सुविधा देेने की बात कही गई थी।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

-सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत होने के बाद स्टूडेंट्स को एक ही विंडो पर आवेदन करने के बाद शाम तक माइग्रेशन और प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी हो जाता है, जबकि डिग्री के लिए स्टूडेंट्स को काफी समय देना पड़ता है।

-डिग्री के लिए आवेदन करने के बाद छात्रों को कई दिन इंतजार करना होता है।

-डिग्री छपी ना होने के कारण उसे कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं।

-सबसे ज्यादा बाहरी छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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नैक निरीक्षण में मिला था बी ग्रेड

-ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के बाद छात्रों को दौड़-भाग से राहत मिल सकती है।

-एलयू को बीते साल हुए नैक निरीक्षण में बी ग्रेड मिला था।

-इसका बड़ा कारण विवि की प्रयोगशाला, लाइब्रेरी के साथ ही छात्रों को ऑनलाइन सुविधा और इंटरनेट कनेक्टिविटी ना मिलना भी था।

-छात्रों को डिग्री और माइग्रेशन जैसी चीजों के लिए ऑनलाइन सुविधा ना मिलना और आगे होेने वाले नैक के निरीक्षण में विवि का माइनस पॉइंट साबित हो सकता है।

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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