Top

दून यूनिवर्सिटी : बंद होने की कगार पर है देश का पहला इकलौता कोर्स

By

Published on 11 Jun 2016 3:28 PM GMT

दून यूनिवर्सिटी : बंद होने की कगार पर है देश का पहला इकलौता कोर्स
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

देहरादून : दून यूनिवर्सिटी का सबसे चर्चित सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स बंद होने की कगार पर है। हालांकि विवि ने अभी तक इसे बंद करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन बीते 2 साल से इस कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं हुआ है। अब यूनिवर्सिटी इसे बंद करने की योजना बना रहा है।

देश का इकलौता कोर्स

-यह कोर्स दून विवि का देश का पहला कोर्स शुरू किया था।

-इसे देशभर में खूब प्रसिद्धि भी मिली थी।

-कहीं न कहीं इस कोर्स के पिछड़ने के पीछे विवि प्रशासन की लापरवाही भी है।

-अगर समय रहते कोर्स का सही प्रचार किया होता और प्लेसमेंट पर ध्यान दिया जाता तो आज कोर्स बंदी की कगार पर न होता।

एडमिशन में आई कमी ?

-चार साल पहले दून यूनिवर्सिटी ने पीजी डिप्लोमा इन सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया था।

-इस कोर्स का मकसद सामान्य ग्रेजुएट युवाओं को ट्रेनिंग देने के बाद मार्केट की डिमांड के हिसाब से तैयार करना था।

-इस खास कोर्स में सेना से रिटायर्ड कई अफसर भी बतौर फैकल्टी जोड़े गए थे।

-कोर्स पहले ही साल में इतना हिट हुआ था कि इसकी सभी सीटें फुल हो गई थी।

-पहले कोर्स का प्लेसमेंट तो हुआ लेकिन युवाओं को यह रास नहीं आया। अगले साल से ही इसका ग्राफ गिरना शुरू हो गया।

-साल 2015 में इस कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं हुआ।

-इस साल भी कोई आवेदन नहीं आया है। इस कोर्स का शुल्क 40 हजार रुपये रखा गया था।

उपकुलसचिव का क्या कहना?

दून विवि के डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, उपकुलसचिव का कहना था कि ‘सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स में शुरू में रिस्पांस बहुत अच्छा था, लेकिन अब इसमें एडमिशन लेने वाला कोई नहीं है। गत वर्ष भी कोई ऐडमिशन नहीं हुआ था। इस साल अगर आवेदन आए तो हम एडमिशन को तैयार हैं।‘

Next Story