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कुलपति सम्मलेन में शिरकत करने पहुंचे राम नाईक, डिजिटलीकरण जैसे मुद्दों पर हुआ मंथन

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Published on 6 July 2017 7:45 AM GMT

कुलपति सम्मलेन में शिरकत करने पहुंचे राम नाईक, डिजिटलीकरण जैसे मुद्दों पर हुआ मंथन
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लखनऊ: राज्यपाल राम नाईक ने सिविल हॉस्पिटल में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मंत्री संदीप सिंह, मंत्री एसपी सिंह बघेल व अन्य लोग भी मौजूद रहे। योजना भवन में उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के वाईस चांसलर का सम्मेलन हुआ।

इस कुलपति सम्मलेन में राज्य विश्वविद्यालयों के कुल 28 कुलपतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में एकेटीयू कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक, एलयू कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह, राम मनोहर लोहिया अवध विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित, डॉ शकुन्तला मिश्र नेशनल रेहबिलिटेशन यूनिवर्सिटी के वीसी निशीथ राय, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी समेत अन्य मौजूद रहे। इस सम्मेलन में प्रवेश परीक्षा, मूल्यांकन, डिजिटलीकरण सहित अन्य मुद्दों पर मंथन किया गया।

आगे की स्लाइड में जानिए क्या बोले राम नाईक

राम नाईक

गवर्नर राम नाईक ने कहा कि इस सम्मेलन को आयोजित करने में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी का आभार। यहां राज्य के साथ-साथ केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी भी आए हुए हैं। जब 3 साल पहले मैं यहां आया था और तब से अब, काफी अंतर देखने को मिलता है। पहला अंतर तो ये कि दीक्षांत समारोह नहीं हो पा रहे थे। इसको हमने आपके सहयोग से संपन्न कराया।

मेरे तीन साल के कार्यकाल में हर 6 माह में हम कुलपतियों की बैठक लेते रहे हैं। अब तक चार बैठकें हो चुकी है। ये पांचवी बैठक है। लेकिन उन चार बैठकों में और इसमें एक अंतर है। इस बार हमने उत्तर प्रदेश के राज्य विश्विद्यालयों के साथ-साथ यहां के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी बुलाया है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में जो भी चर्चा हो, उसका वो भी हिस्सा बने और कुलाधिपति होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है कि मैं भी इनका मार्गदर्शन करता रहूं।

क्या बोले डिप्टी सीएम ?

इस खास मौके पर डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि बड़े गर्व का विषय है कि आज कुलपति सम्मेलन हुआ। यूपी के इतिहास में बहुत सारे कुलपति सम्मेलन हुए, लेकिन इस बार विषय बिंदु के अनुसार चर्चा हुई। वर्षो से रिक्त पदों और पाठ्यक्रम में टेक्नोलॉजी के समावेश पर ध्यान देंगे। कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। शोध कार्यों को ऑनलाइन करेंगे। हर छात्र किसी भी यूनिववर्सिटी में हुए शोध को देख सकेगा। 220 दिन शिक्षा चले, 200 दिन पढ़ाई और 20 दिन डाउट क्लियर का पाठ्यक्रम में समावेश हो।

दिनेश शर्मा के मुताबिक, डीएम के नेतृत्व नकलविहीन परीक्षा हो। शोध के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। स्किल डेवलपमेंट के लिए 3 वर्षीय पाठ्यक्रम में 6 माह का स्किल डेवलपमेंट कोर्स शामिल किया जाएगा। क्षेत्रीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं को भी पढ़ाया जाएगा। वर्चुअल क्लासरूम, स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग की व्यवस्था लागू करने की दिशा में शुरुआत की जाएगी। कौशल विकास से सम्बंधित योजना की संभावनाएं तलाशने के लिए मथुरा के कुलपति, एकेटीयू कुलपति और बुवनेश कुमार की एक समिति बनाई गई है।

और क्या बोले दिनेश शर्मा ?

-जीएसटी के विषय को वाणिज्य और प्रबंध के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा।

-हर यूनिवर्सिटी में एक शोध पीठ बनाई जाएगी। कुलपति के कार्यकाल को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किए जाने पर विचार किया जाएगा।

-19 मार्च को हमने शपथ ग्रहण की। तब नकल का दौर चल रहा था। 60 लाख बच्चे परीक्षा दे रहे थे।

-आने वाले दिनों में टीचर अपने आप से ऑनलाइन पद पर क्लिक करेगा और जहां पद रिक्त होंगे वहां के लिए क्लिक करेगा। साथ ही अपना ट्रांसफर खुद कर लेगा। किसी सोर्स की जरूरत नहीं रहेगी।

-हम कुछ विशेष चीज़ों को ला रहे हैं। शिक्षा शुल्क से लेकर जो भी अच्छी व्यवस्था होगी उसे लाया जाएगा।

आगे की स्लाइड में देखिए इस सम्मलेन की और भी तस्वीरें

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राम नाईक

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