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10वीं के होनहार स्टूडेंट्स ने दिखाया दस का दम, जानिए इनके सक्सेस मंत्र

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Published on 29 May 2016 2:12 PM GMT

10वीं के होनहार स्टूडेंट्स ने दिखाया दस का दम, जानिए इनके सक्सेस मंत्र
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लखनऊ : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शनिवार को हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित कर दिया। कई स्टूडेंट्स ने कठिन परिश्रम और मेहनत के बल पर 10 CGPA मार्क्स लाकर यह मुकाम हासिल किया और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। आइए जानते हैं क्या हैं इन स्टूडेंट्स के सक्सेस मंत्र ...

रेगुलर और मेहनत से की गई पढ़ाई से मिलती है सफलता

आरएलबी स्कूल सेक्टर- 14 विकास नगर ब्रांच स्टूडेंट अनन्या मिश्रा ने कड़ी मेहनत से 10वीं में सफलता हासिल की है। अनन्या ने 10वीं में 10 CGPA मार्क्स हासिल किए। उनके पिता सुरेश मिश्र गवर्मेंट जॉब करते हैं जबकि मां सुषमा मिश्रा हाउस वाइफ हैं। अनन्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पेरेंट्स और टीचर्स को दिया है।

अनन्या का लक्ष्य आईआईटी से इंजीनियरिंग करना है। अनन्या कहती हैं कि रेगुलर और मेहनत से की गई पढ़ाई से ही सफलता हासिल मिलती है। अनन्या ने कहा कि इस सफलता को हासिल करने के लिए उन्होंने बिना किसी टेंशन के कई बार लेसंस रिवाइज किए और पूरे कांफिडेंस के साथ एग्जाम दिया।

डॉक्टर बनना है लक्ष्य

एलपीएस में पढ़ने वाली अरुणिमा चंद्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी फैमली को दिया है। उनका मानना है कि स्कूल का पढ़ाया हुआ रोज दोहराएं। अरुणिमा का लक्ष्य डॉक्टर बनना है। कड़ी मेहनत ही उनका सक्सेस मंत्र है।

कड़ी मेहनत को बताया सक्सेस मंत्र

एसकेडी स्कूल की सौम्या अग्रवाल ने रेगुलर क्लास और कड़ी मेहनत को अपना सक्सेस मंत्र माना है। वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। सौम्या फिलहाल पढाई पर फोकस करना चाहती हैं। इनका मानना है कि हमें अपने लक्ष्यों को खुद तय करना चाहिए।

परिवार को दिया सफलता का श्रेय

अर्पिता पांडेय एसकेडी स्कूल की स्टूडेंट हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी फैमली को दिया है। वह आईएएस बनना चाहती है। उनका मानना है कड़ी मेहनत और टाइम मैनेजमेंट के साथ पढ़ाई करनी चाहिए।

नोट्स बनाकर करें पढ़ाई

एलपीएस स्कूल के हिंमाशु शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी फैमली को दिया है। उनका मानना है कि टीचर्स के बताए हुए टॉपिक पढ़ें, नियमित रहें और नोट्स बनाकर पढ़ाई करें। उनका लक्ष्य मैकेनिकल इंजीनियर बनना है।

11वीं की पढ़ाई पर है फोकस

कैथेड्रिल स्कूल के मो. ताहा ने अपनी सफलता का श्रेय फैमली और टीचर्स को दिया। उनका लक्ष्य फिलहाल 11वीं की पढ़ाई पर फोकस करना है। उनका मानना है कि रेगुलर पढाई करें और टीचर से हेल्प लें।

एनसीआरटी बुक्स से करें पढ़ाई

अवध कॉलेजिएट स्कूल की स्टूडेंट दीपशिखा का मानना है कि 8 घंटे रोजाना पढ़ें और एनसीआरटी बुक्स से पढ़ाई करें। उनका लक्ष्य डॉक्टर बनना है। दीपशिखा ने अपनी सफलता का श्रेय टीचर्स को दिया है।

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