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TET Certificate: टीईटी सर्टिफिकेट की वैधता होगी आजीवन, शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

TET Certificate: शिक्षक पात्रता परीक्षा योग्यता सर्टिफिकेट (TET Certificate) की वैधता अवधि को 7 साल से बढ़ाकर आजीवन कर दिया गया है।

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Published on 3 Jun 2021 9:17 AM GMT

Ramesh Pokhriyal Nishank
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एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)

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TET Certificate:शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिक्षक पात्रता परीक्षा योग्यता सर्टिफिकेट (TET Certificate) की वैधता अवधि को 7 साल से बढ़ाकर आजीवन कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Ramesh Pokhriyal Nishank) ने गुरुवार को यह बड़ा ऐलान किया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने वाले इच्छुक कैंडिडेट्स के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम साबित होगा। शिक्षा मंत्रालय ने बताया गया है कि इस फैसले को 10 साल पहले से लागू किया गया है। इसका मतलब यह है कि 2011 के बाद जिनके भी प्रमाण-पत्रों की अवधि समाप्त हो चुकी है, वह भी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए पात्र होंगे।



शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्र शासित राज्य और संबंधित प्रदेश की सरकारें उन उम्मीदवारों को नए टीईटी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए जरूरी कार्रवाई करेंगी जिन उम्मीदवारों 7 साल की अवधि पहले ही खत्म हो गई है।
गौरतलब है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Certificate) किसी के लिए स्कूलों में शिक्षक के तौर पर नियुक्ति के लिए पात्र होने के लिए जरूर योग्यताओं में से एक है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के 11 फरवरी 2011 के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, टीईटी का आयोजन प्रदेश सरकारों द्वारा किया जाएगा। टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता टीईटी पास करने की तारीख से 7 साल तक थी।

12वीं की परीक्षा रद्द करने पर शिक्षा मंत्री का बयान

शिक्षा मंत्री ने 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द्द किए जाने के फैसले पर कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था में करीब 33 करोड़ छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा उनका उज्‍जवल भविष्य हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों से व्यापक विचार विमर्श और सलाह के बाद ही उचित फैसला केंद्र सरकार की निर्णय प्रक्रिया की विशेषता है।
उन्होंने बताया कि यह फैसला लेने के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्रियों, शिक्षा सचिवों, शिक्षाविदों, विद्यालय संचालकों, छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से लंबा सलहा मशवरा किया गया। यह सभी हितधारकों से परीक्षा को लेकर किया गया दुनिया का सबसे बड़ा विमर्श है।
लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टीईटी की नई प्रमाणपत्र वैलिडिटी लागू होगी। केंद्र सरकार के इस फैसले से लाखों उम्मीदवारों को फायदा होगा। टीईटी की परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 45 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही बैचलर ऑफ एजुकेशन बीएड (B.ED) की डिग्री होनी चाहिए। अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए।



Dharmendra Singh

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