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बीएड को दोबारा एक साल में बदलने की उठी मांग, देशभर से मांगा गया फीडबैक

एनसीटीई की तरफ से साल 2014 में रेगुलेशन जारी किया गया था। इसके तहत सभी कॉलेजों में बीएड की अवधि 1 साल बढ़ाकर 2 वर्ष कर दी गई थी। कॉलेजों में पहले एक यूनिट 100 सीटों पर होती थी। वहां एक यूनिट 50 सीटों पर कर दी गई थी। कॉलेज को 100 सीटों के लिए दो यूनिटों के हिसाब से स्टॉफ रखना अनिवार्य हो चुका है। सुझावों के हिसाब से एनसीटीई रेगुलेशन में बदलाव किया जा सकता है। बता दें देशभर में बीएड की अवधि 2 वर्ष करने के बाद दोबारा एक साल करने की मांग की गई थी।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 12 Oct 2016 1:21 PM GMT

बीएड को दोबारा एक साल में बदलने की उठी मांग, देशभर से मांगा गया फीडबैक
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मेरठ : नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने 2 साल के बीएड को दोबारा एक साल में बदलने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए एनसीटीई ने एक समिति का गठन भी किया है। देशभर से समिति ने आॅनलाइन फीडबैक भी मांगा है।

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एक साल करने की उठी मांग

-एनसीटीई की तरफ से साल 2014 में रेगुलेशन जारी किया गया था।

-इसके तहत सभी कॉलेजों में बीएड की अवधि 1 साल बढ़ाकर 2 वर्ष कर दी गई थी।

-कॉलेजों में पहले एक यूनिट 100 सीटों पर होती थी। वहीं एक यूनिट 50 सीटों पर कर दी गई थी।

-कॉलेज को 100 सीटों के लिए दो यूनिटों के हिसाब से स्टॉफ रखना अनिवार्य हो चुका है।

-सुझावों के हिसाब से एनसीटीई रेगुलेशन में बदलाव किया जा सकता है।

-बता दें देशभर में बीएड की अवधि 2 वर्ष करने के बाद दोबारा एक साल करने की मांग की गई थी।

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देशभर से मांगे गए सुझाव

-समिति ने तीन बिंदुओं पर देशभर से सुझाव मांगे है।

-इसमें लोगों से पूछा गया कि बीएड की समय अवधि एक साल की होनी चाहिए या दो साल।

-इसके अलावा मामले को लेकर विभिन्न न्यायालयों के वाद को ध्यान में रखा जाएगा। जिसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट एनसीटीई को सौपेगी।

-यह रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिया जाएगा। इसके बाद ही सरकार इस पर फैसला लेगी।

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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