×

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, छात्र- छात्रा को निकाला, दोनों के पिता भूख हड़ताल पर

शाहजहांपुर में प्राईवेट स्कूलों का शोषण अभी भी जारी है। यहां 9वीं क्लास की छात्रा को इसलिए स्कूल से निकाल दिया क्योंकि इस छात्रा के पिता ने

sujeetkumar

sujeetkumarBy sujeetkumar

Published on 2 May 2017 10:36 AM GMT

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, छात्र- छात्रा को निकाला, दोनों के पिता भूख हड़ताल पर
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर में प्राइवेट स्कूलों का शोषण अभी भी जारी है। यहां 9वीं क्लास की छात्रा को इसलिए स्कूल से निकाल दिया क्योंकि इस छात्रा के पिता ने प्राईवेट स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ अभियान छेड़ा रखा।

एक दूसरे प्राईवेट स्कूल ने 7वीं क्लास के छात्र को इसलिए अपने स्कूल से निकाल दिया क्योंकि इस बच्चे ने अपने स्कूल की डायरी पर गलत छपे राष्ट्रगान और वंदेमातरम का विरोध किया था।

अब दोनों बच्चों के पिता स्कूलों की मनमानी के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्र के पिता ने पीएम मोदी और सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही कहा कि अगर उसके बेटे को न्याय नहीं मिला तो वह अपने बच्चे का दाखिला मदरसे मे करवा देंगे जिससे वहां पर उर्दू तालीम भी मिल जाएगी।

क्या है मामला?

शाहजहांपुर के जीएल कन्नौजिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं क्लास की छात्रा नैना गुप्ता को इसलिए स्कूल से निकाल दिया गया, क्योंकि छात्रा के पिता संजीव गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस लेने का विरोध जताया था। संजीव गुप्ता ने मनमानी फीस के विरोध में कुछ दिन पहले बीच रोड पर भीख और राह चलते लोगों के जूते साफ कर भीख मांगी थी। उनके इस विरोध का लोगों ने भारी समर्थन भी किया था।

इसी बात से नाराज जीएल कन्नौजिया स्कूल के प्रिंसिपल ने 9वीं क्लास मे पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल से निकाल दिया था। छात्रा के पिता संजीव गुप्ता के मुताबिक उन्होंने जब स्कूल के प्रिंसिपल से बच्ची को निकालने का कारण पूछा तो उनका कहना था कि, उनकी बच्ची जिस प्राइवेट स्कूल में है उनके पिता उसी स्कूल का विरोध कर रहे है।

जिस कारण उनकी बेटी को स्कूल से निकाला गया है। वह इस स्कूल के खिलाफ विरोध करना खत्म कर देंगे तो बच्ची स्कूल में पढ़ सकती है। संजीव का कहना है कि ये भूख हड़ताल तब जारी रहेगी जब तक प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और उनकी बेटी को स्कूल में वापस नहीं लिया जाता।

आगे की स्लाइड में पढें दूसरा है मामला? ....

दूसरा मामला?

शाहजहांपुर के माधव राव सिंधिया पब्लिक स्कूल में 7वीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र इशान पांडेय को इसलिए स्कूल निकाल दिया गया क्योंकि उसने स्कूल की डायरी पर गलत छपे राष्ट्रगान और वंदेमातरम का विरोध किया था।

स्कूल से निकाले गए छात्र के पिता मनोज कुमार पांडेय भी बेटे को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे संजीव गुप्ता का साथ पकड़ लिया और उनके साथ खिरनीबाग मैदान पर डट गए है।

पांडेय का कहना है कि उसके उसका 12 साल का बेटा इशान पांडेय शहर के नामी स्कूल माधव राव सिंधिया पब्लिक स्कूल में सातवीं क्लास में पङता है। स्कूल मे हर साल एक नई डायरी दी जाती है जिस पर राष्ट्रगान और वंदेमातरम लिखा होता है।

लेकिन इस बार जब उसके बेटे को डायरी स्कूल मे मिली तो उसमे राष्ट्रगान और वंदेमातरम को गलत छापकर उसका अपमान किया गया है। स्कूल में करीब दो हजार डायरी बच्चो को दी गई है, जिस पर राष्ट्रगान और वंदेमातरम का अपमान किया गया है।

इसकी शिकायत जब उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल पंकज श्रीवास्तव से की तो उनका कहना था कि इसका विरोध करना गलत हैं। इनकी शिकायत के बाद प्रिंसिपल ने दो हजार बांटी गई डायरी दूसरे दिन बच्चों से मंगवा ली और उस पन्ने को डायरी से फाड़वा दिया।

इसके बाद उन्होंने अपमान के विरोध में स्कूल को एक नोटिस भेजा था। कुछ दिन बाद जब उसके बेटे ने सातवीं क्लास पास किया तो उसका रिजल्ट लेने के लिए वह स्कूल गए तो स्कूल प्रशासन ने उनको अंदर नहीं आने दिया और स्कूल के गेट पर ही रिजल्ट लाकर दे दिया गया। और साथ ही बेटे की टिसी भी दे दी गई। लेकिन उन्होंने टीसी लेने से इनकार कर दिया और वह रिजल्ट लेकर घर चले आए। इसकी शिकायत डीएम को की गई लेकिन अभी तक उन्होंने स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाही नहीं की है।

sujeetkumar

sujeetkumar

Next Story