Top
TRENDING TAGS :Coronavirusvaccination

UPMSP ने तैयार किया नया पोर्टल, अब नहीं हो पाएंगी बोर्ड परीक्षा में नकल

इस साल माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा के आयोजन के लिए नया पोर्टल तैयार किया है। इससे माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल से जुड़कर सेलफोन की सहायता से स्कूलों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 4 Nov 2016 9:26 AM GMT

UPMSP ने तैयार किया नया पोर्टल, अब नहीं हो पाएंगी बोर्ड परीक्षा में नकल
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ : इस साल यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने बोर्ड परीक्षा के आयोजन के लिए नया पोर्टल तैयार किया है। इससे माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल से जुड़कर सेलफोन की सहायता से स्कूलों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

लोकेशन पता लगाने में होगी आसानी

-यूपी बोर्ड के सभी स्कूलों की लोकेशन अब एंड्रॉयड फोन पर उपलब्ध होगी।

-इस पोर्टल पर सभी स्कूलों को कॉलेज का कोड और फोटोग्राफ और जियोग्राफिक कोऑर्डिनेट सिस्टम (जीआईएस) फीड करने को कहा गया है।

-ये फीडिंग बोर्ड परीक्षा से पहले कराने की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है।

ये भी पढ़ें... UP में बंपर नौकरी, अगले 4 सालों में मोबाइल कंपनियां देंगी 10 हजार रोजगार

-जानकारियां फीड होने के बाद पोर्टल के जरिए स्कूल की लोकेशन आसानी से पता लगाई जा सकेगी।

-परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले साल से ऑनलाइन पद्धति से जोड़ने की कोशिशें हो रही हैं।

सॉफ्टवेयर पर फीड करने के निर्देश जारी

-परीक्षा नीति के तहत केंद्र निर्धारण के लिए सभी सूचनाएं विशेष रूप से तैयार सॉफ्टवेयर पर फीड करने के निर्देश पहले ही जारी हो गए हैं।

-यह पोर्टल परिषद की वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर उपलब्ध होगा।

-परीक्षा केंद्र नीति में केंद्र निर्धारण के लिए सभी सूचनाएं विशेष रूप से तैयार सॉफ्टवेयर पर फीड करने के निर्देश पहले ही जारी हो चुके हैं।

ये भी पढ़ें... UP में चुनाव से पहले भर्ती, 12 हजार प्राथमिक शिक्षकों की जल्द होगी नियुक्ति

-जानकारियां फीड होने के बाद पोर्टल के जरिए स्कूल की लोकेशन का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

-पिछले साल से परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने की कोशिशें हो रही हैं।

सेंटर्स ढूंढने में नहीं आएगी मुश्किलें

-अब स्कूलों के कोड, पते, फोटोग्राफ और जीआईएस फीड करने को भी कहा गया है।

-जीआईएस एकतरह की निर्देशांक प्रणाली होती है जो किसी भी जगह की स्थिति तीन अंकों के जरिए बताती है।

-कई बार फ्लाइंग स्क्वॉयड को स्कूलों के लोकेशन की सही जानकारी नहीं होती है।

-जीआईएस कोऑर्डिनेट पोर्टल पर उपलब्ध होने से स्क्वॉयड को नकल रोकने में सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।

-इस तरह पोर्टल पर जीआईएस दर्ज होने पर सेंटर ढूंढने में मुश्किलें नहीं आएंगी।

ये भी पढ़ें... UP जल निगम में 853 पदों पर वैकेंसी, 20 नवंबर तक करें आवेदन

-जीआईएस कोड के लिए स्मार्टफोन का सहारा लेना होगा।

-स्कूल कैंपस में फोन पर ‘स्कूल ऑन मैप मार्ग’ एप डाउनलोड करना होगा।

-एप डाउनलोड करने के बाद जैसे ही स्कूल में यह एप खोला जाएगा जीआईएस मिल जाएगा। जिसे पोर्टल पर फीड करना होगा।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

Next Story