‘कबीर सिंह’ की दादी हैं अभिनेत्री कामिनी कौशल, दिलीप कुमार को हुआ था इनसे इश्क

भारत की आजादी से पहले साल 1946 में फिल्म ‘नीचा नगर’ को सर्वोच्च पुरस्कार ‘द पाम ड’ओर’ मिल चुका है। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल ने इसी फिल्म से डेब्यू किया था। आज अभिनेत्री कामिनी कौशल का जन्मदिन है। उनका जन्म 16 जनवरी 1927 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था।

Published by Ashiki Patel Published: January 16, 2021 | 11:59 am
kamini kaushal

File Photo

मुंबई: भारत की आजादी से पहले साल 1946 में फिल्म ‘नीचा नगर’ को सर्वोच्च पुरस्कार ‘द पाम ड’ओर’ मिल चुका है। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल ने इसी फिल्म से डेब्यू किया था। आज अभिनेत्री कामिनी कौशल का जन्मदिन है। उनका जन्म 16 जनवरी 1927 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था।

कामिनी कौशल ने ‘नदिया के पार’, ‘बिराज बहू’ और ‘शहीद’ से लेकर शाहरुख खान स्टारर ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और शाहिद कपूर की फिल्म ‘कबीर सिंह’ में भी काम किया है। उन्होंने जिंदगी के हर क्षण में सिनेमा का भरपूर आनंद लिया है। फिल्मों में काम करने की उनकी पहले से कोई योजना नहीं थी क्योंकि उस वक्त माहौल ऐसा नहीं था। उस दौरान ज्यादातर लोग अंग्रेजी शासन से देश को आजादी दिलाने में ही ज्यादा रूचि रखते थे।

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कामिनी कौशल से हुआ था दिलीप कुमार को पहला प्यार

सायरा बानो से शादी से पहले दिलीप कुमार को कामिनी कौशल से मोहब्बत थी। दिलीप कुमार और कामिनी कौशल ने 1948 से ले कर 1950 तक चार फिल्में शहीद, नदिया के पार, शबनम और आरजू की। उस दौरान दिलीप कुमार कामिनी कौशल पर पूरी तरह लट्टू थे। हालांकि कामिनी पहले से शादीशुदा थीं। अपनी दीदी के गुजर जाने के बाद अपने जीजाजी से उन्होंने शादी कर ली थी, फिर फिल्मों में काम करने आईं। दिलीप साहब को इस बात से बेहद धक्का लगा कि कामिनी ने भी उनसे यही कहा कि वे उन्हें भूल जाएं, वे अपने परिवार से दुश्मनी मोल ले कर उनसे शादी नहीं कर पाएंगी। इसके बाद सालों तक दिलीप कुमार के मन को कोई नहीं भाया।

दिलीप को याद करते हुए कामिनी ने कही थी ये बात

साल 2014 में एक मैगजीन से बातचीत में कामिनी ने कहा था कि दिलीप साहब ने अपनी बायोग्राफी में लिखा है कि वे मुझसे अलग होने के बाद बिखर गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि हम दोनों ही बिखर गए थे। हम एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे। उन्होने कहा कि मैं किसी को धोखा नहीं दे सकती थी। मैं अपनी दिवंगत बहन को क्या मुंह दिखाती। मेरे हसबैंड बहुत अच्छे इंसान हैं। वे समझते थे कि ऐसा क्यों हुआ? प्यार में कोई भी पड़ सकता है।

कामिनी कौशल के परिवारवालों ने बचपन से ही उन्हें हर नए काम को करने के लिए प्रोत्साहित किया। फिल्मों में काम करना उनका महज एक एक्सपेरीमेंट था। उन्होंने ‘शबनम’, ‘शहीद’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘संयासी’ जैसी कई और फिल्मों में काम किया।

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