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COVID 19: अभी देश से गया नहीं Delta Variant का खतरा, 99% मरीजों में हो रही इस वायरस की पुष्टि

COVID 19: डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) का प्रकोप देश में भी तेजी से बढ़ रहा है। यहां रोजाना मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में 99 प्रतिशत से ज्यादा में डेल्टा वैरिएंट पाया जा रहा है।

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NetworkNewstrack NetworkSatyabhaPublished By Satyabha

Published on 14 July 2021 12:24 PM GMT

COVID 19: अभी देश से गया नहीं Delta Variant का खतरा, 99% मरीजों में हो रही इस वायरस की पुष्टि
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फोटो-सोशल मीडिया

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COVID 19: पूरी दुनिया में तबाही मचा रहे डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) का प्रकोप देश में भी तेजी से बढ़ रहा है। यहां रोजाना मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में 99 प्रतिशत से ज्यादा में डेल्टा वैरिएंट पाया जा रहा है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है। क्योंकि विशेषज्ञों को डर है अगर एक बार यह फिर से लोगों में गुणात्मक तरीके से संक्रमित करने लगा तो हालात बहुत बुरे हो सकते हैं।

आईसीएमआर (National Institute of Nutrition) ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक रिपोर्ट में बताया कि देश में अभी भी कोरोना डेल्टा वैरिएंट का खतरा बरकरार है। नेशनल कोविड टास्क फोर्स के सदस्य सदस्य डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक भारत में अभी भी सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों की संख्या डेल्टा वैरिएंट की ही है। यह वही वैरिएंट है जिसने अप्रैल और मई में देश में भीषण तबाही मचाई थी। डॉक्टर अरोड़ा का कहना है कि फिलहाल संक्रमित लोगों की संख्या कम हुई है, लेकिन उतनी भी कम नहीं है कि हम चैन से बैठ सकें। अभी तक कोरोना के जितने भी वैरिएंट आए उनमें सबसे ज्यादा खतनाक और सबसे ज्यादा संक्रमण फैलाने वाला डेल्टा वैरिएंट ही रहा।

99 प्रतिशत मामले डेल्टा वेरिएंट के

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोजाना मिलने वाले संक्रमित मरीजों में 99 प्रतिशत से ज्यादा लोगों में डेल्टा वेरिएंट की ही पुष्टि हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, यह न सिर्फ चौंकाने वाली बात है बल्कि लोगों को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की भी जरूरत है। क्योंकि इस वायरस की मारक क्षमता और संक्रमण फैलने की क्षमता में कोई कमी नहीं दर्ज हुई है। ये वायरस दुनिया के अलग-अलग देशों में भी तेजी से फैल रहा है।

डेल्टा वेरिएंट क्या होता है?

अभी तक जितने भी वैरिएंट आए हैं, डेल्टा उनमें सबसे तेज़ी से फैल रहा है। हालांकि, अल्फा वैरिएंट भी काफी संक्रामक है, लेकिन डेल्टा इससे 60 प्रतिशत ज़्यादा संक्रामक है। डेल्टा से मिलते-जुलते कप्पा वैरिएंट भी वैक्सीन को चकमा देने में कामयाब देखा गया है, लेकिन फिर भी यह बहुत अधिक नहीं फैला, जबकि डेल्टा वेरिएंट सुपर-स्प्रेडर साबित हो रहा है।

लक्षण-

डेल्टा वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में- सूखी खांसी, बिखार और थकान शामिल हैं।

वहीं इसके गंभीर लक्षणों की बात करें, तो इसमें सीने में दर्द, सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ और बात करने में तकलीफ हो सकती है।

इसके अलावा WHO के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कुछ सामान्य लक्षण बताए हैं, जिनमें त्वचा पर चकत्ते, पैर की उंगलियों के रंग में बदलाव होना, गले में खराश, स्वाद और गंध की हानि, दस्त और सिरदर्द शामिल है।

Satyabha

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