×

Eye Care: आंखों की रोशनी के लिए बेहद खतरनाक है डाइट सोडा

Eye care: आंखों की रोशनी बरकरार रखने के लिए और बढ़ाने के लिए सही आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। विटामिन ए से लेकर योगा तक आंखों की रोशनी के लिए बहुत जरूरी होते हैं। ।

Anupma Raj
Updated on: 17 Aug 2022 2:20 AM GMT
Tips for Eyecare
X

Eyecare Tips (Image: Social Media)

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
Click the Play button to listen to article

Eye care: आंखों की रोशनी बरकरार रखने के लिए और बढ़ाने के लिए सही आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। विटामिन ए से लेकर योगा तक आंखों की रोशनी के लिए बहुत जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर आपका खानपान अच्छा नहीं है तो आपको आंखों से जरूरी समस्या हो सकती है। बता दे कि डाइट सोडा भी इन्हीं खराब खानपान में से एक है।

दरअसल एक शोध के अनुसार डाइट सोडा आपकी आंखों के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। शोध में यह बात सामने आई है कि डाइट सोडा का बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करने से डायबिटिक रेटिनोपैथी नामक समस्या हो सकती है जो आंखों के लिए बहुत हानिकारक है। अध्ययन में पाया गया कि हर सप्ताह चार डिब्बे या लगभग 1.5 लीटर सॉफ्ट ड्रिंक पीने से डायबिटीज संबंधी रेटिनोपैथी का खतरा दो गुना तक बढ़ने का खतरा रहता है।

शोध में यह जानकारी भी सामने आई कि नॉन एल्कोहलिक सॉफ्ट ड्रिंक और आंखों के स्वास्थ्य के बीच एक मजबूत कनेक्शन हैं। एक हफ्ते में करीब 1.5 लीटर सॉफ्ट ड्रिंक पीने से डायबिटिक रेटिनोपैथी का खतरा दो गुना बढ़ सकता है। यह सर्वे 609 वयस्कों पर आधारित रही जिनमें से 73 को टाइप 1 डायबिटीज था, 510 को टाइप 2 डायबिटीज था और बाकी 26 के बारे में आंकड़े कुछ खास नहीं रहें। इस शोध में शामिल होने वाले लोगों की उम्र 65 वर्ष रही थी। इनमें शामिल कुल संख्या में से, 46.8% ने रोज सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन किया था और बाकी लोगों ने डाइट सोडा का सेवन किया था। जो लोग रोज सॉफ्ट ड्रिंक पीते थे, उन्हें डाइट सोडा पीने वालों की तुलना में यह बीमारी होने की संभावना बहुत ज्यादा नहीं थी।

डायबिटिक रेटिनोपैथी क्या है?

डायबिटीज संबंधी रेटिनोपैथी डायबिटीज की एक समस्या है जिसमें हाई ब्लड शुगर लेवल आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचाता है और जिससे आंखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बता दे कि यह रोग किसी व्यक्ति की दृष्टि के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है, अगर समय पर इसका समाधान नहीं किया जाए है तो यह अंधापन का कारण भी बन सकता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को हमेशा नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए ताकि किसी भी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

डायबिटिक रेटिनोपैथी का कारण

डायबिटीज शरीर की ब्लड सर्कुलेशन को नुकसान पहुंचाता है। जब ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है, तो यह ब्लड सर्कुलेशन के लिए मुश्किलें खड़ा कर देता है। इसके कारण सही प्रकार से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता। साथ ही यह आंखों की ब्लड vessel को ब्लॉक कर देता है। जिससे आंखों का वह हिस्सा जो रोशनी के लिए कार्य करता है, वह क्षतिग्रस्त हो जाता है, जो बाद में ऑप्टिक Nerve के माध्यम से दिमाग को भेजे जाने वाले संकेतों में बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए कोशिश करें कि आपका खानपान सही हो। साथ ही जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक या डाइट सोडा से दूरी बनाने से आंखों के लिए फायदेमंद होता है।

Anupma Raj

Anupma Raj

Next Story