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Mainpuri News: इम्युनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय का करें इस्तेमाल - डॉ. आकांक्षा

कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियां शरीर में इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं।

Praveen Pandey

Praveen PandeyReporter Praveen PandeyShwetaPublished By Shweta

Published on 9 Jun 2021 6:39 PM GMT

गिलोय
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गिलोय फोटो सोशल मीडिया

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Mainpuri News: कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियां शरीर में इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। गिलोय का सेवन शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। गिलोय शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है, ब्लड को शुद्ध करता है और बैक्टीरिया से लड़ता है। यह लीवर की बीमारी वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। गिलोय डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसे जानलेवा बुखारों के लक्षणों को भी कम कर सकता है।

कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. आकांक्षा चैधरी ने बताया कि गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। इसका इस्तेमाल भारतीय चिकित्सा में सदियों से किया जाता रहा है। गिलोय का तना सबसे ज्यादा उपयोगी होता है, लेकिन इसकी जड़ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लाभों और उपयोगों को एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) द्वारा भी अनुमोदित किया गया है। गिलोय का इस्तेमाल जूस, पाउडर या कैप्सूल के रूप में भी किया जा सकता है। बहुत से लोग गिलोय को पारंपरिक काढ़ा में भी शामिल करते हैं।

इस तरह से कर सकते हैं गिलोय का सेवन

गिलोय को दूध में उबालकर पीने से जोड़ों का दर्द कम होता है। अदरक के साथ गिलोय का सेवन करने से रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। गिलोय के रस में हड्डी मजबूत करने वाले एंटी इन्फ्लेटेड गुणों की भरमार होती है। गिलोय के तने को चबाना भी सेवन करने का बेहतर तरीका है, यह तरीका अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा यह खांसी, गले में खराश के साथ तमाम तरह की अन्य परेशानी में भी आराम करता है।

गिलोय जूस

गिलोय के तने को एक गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक पानी जलकर आधा न हो जाए। इसके बाद पानी को छान लें और नियमित इसका सेवन करें द्य यह रक्त को शुद्ध करता है, विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकालता है और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है।

अर्थराइटिस

गिलोय में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी अर्थराइटिस गुण पाए जाते हैं, जो अर्थराइटिस के लक्षणों को दूर करने में मदद करते हैं। अर्थराइटिस की समस्या को दूर करने के लिए गिलोय पाउडर को नियमित दूध में उबालकर पीना चाहिए।

पाचन सुधारे

गिलोय का तना पाचन को सुधारता है। कब्ज, एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या को दूर करता है। यह कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। आधा ग्राम गिलोय का चूर्ण थोड़े से आंवले के साथ नियमित रूप से लिया जा सकता है या कब्ज के इलाज के लिए गुड़ के साथ इसे लिया जा सकता है।

डायबिटीज

गिलोय हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट का काम करता है और टाइप टू डायबिटीज के इलाज में मदद करता है। हाई ब्लड शुगर से पीड़ित लोगों के लिए गिलोय का जूस बहुत फायदेमंद होता है और बेहतर परिणाम देता है।

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